रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:पूर्व प्रधान ने मुख्यमंत्री से की शिवज्यू मंदिर के अधूरे निर्माण को पूरा करने व सौंदर्य करण की मांग
Laxman Singh Bisht
Fri, Mar 27, 2026
पूर्व प्रधान ने मुख्यमंत्री से की शिवज्यू मंदिर के अधूरे निर्माण को पूरा करने व सौंदर्य करण की मांग
बिसंग के प्राचीन शिवज्यू मंदिर को मंदिर माला मिशन में किया जाए शामिल अधूरे निर्माण कार्य को किया जाए पूरा: पूर्व प्रधान
4 साल से अधूरा पड़ा है मंदिर निर्माण का कार्य।
मूर्ति रूप में विराजमान है महादेव। महाबली बाणासुर के द्वारा किया गया था मंदिर का निर्माण कार्य।

लोहाघाट के बिसंग क्षेत्र के डुंगरी फर्त्याल ग्राम सभा में स्थित प्राचीन शिवज्यू मंदिर को मंदिर माला मिशन से जोड़कर मंदिर के सौंदर्य करण व अधूरे निर्माण को पूर्ण करने की मांग डूंगरी फर्त्याल के पूर्व ग्राम प्रधान व वर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि गिरीश फर्त्याल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की है। उन्होंने कहा प्राचीन शिव मंदिर पूरे क्षेत्र की आस्था का केंद्र है। उन्होंने बताया पूर्व में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से नए भव्य मंदिर निर्माण का कार्य शुरू किया था पर धनाभाव व अन्य कारणों से पिछले 4 वर्ष से यह प्राचीन मंदिर अधूरा पड़ा हुआ है।

फर्त्याल ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई मंदिरों का कायाकल्प कर चुके हैं ।उन्होंने कहा इस प्राचीन मंदिर को भी मुख्यमंत्री धामी मंदिर माला मिशन में जोड़कर इस ऐतिहासिक मंदिर को भव्य रूप देने की कृपा करें। क्षेत्र के पंडित श्याम दत्त मुरारी ने जानकारी देते हुए बताया । भगवान शंकर के परम भक्त महाबली राजा बाणासुर जब बिसंग स्थिति अपने किले में निवास करते थे तो वह रोज भगवान शंकर की पूजा करने हेतु कैलाश पर्वत जाया करते थे। भगवान शंकर ने अपने परम भक्त को रोज होने वाले कष्ट को देखते हुए भगवान शंकर ने डूंगरी फर्त्याल के इस स्थान में प्रकट होकर महाबली बाणासुर को दर्शन दिए और उनसे इसी स्थान पर मंदिर बनाकर उनकी पूजा करने को कहा।

इसके बाद महाबली बाणासुर के द्वारा इस मंदिर की स्थापना की गई । पंडित मुरारी ने बताया इस स्थान में भोलेनाथ मूर्ति रूप में विराजमान है। उन्होंने कहा पूरे देश में कुछ गिने चुने मंदिर हैं जहां भगवान भोलेनाथ लिंग रूप में न होकर मूर्ति रूप में विराजमान है। कहा इस प्राचीन मंदिर की महिमा अपरंपार है। पूर्व प्रधान गिरीश फर्त्याल ,पंडित श्याम दत्त मुरारी व क्षेत्र वासियों ने कहा पिछले 4 वर्षों से इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है ।उन्होंने मुख्यमंत्री धामी से इस ऐतिहासिक मंदिर को भव्य रूप देने की मांग की है।

साथ ही जिलाधिकारी चंपावत से इस प्राचीन मंदिर का कायाकल्प करने की भी मांग की गई है। उन्होंने कहा यह मंदिर पूरे बिसंग क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कहा उन्हें पूरा विश्वास है मुख्यमंत्री धामी इस ऐतिहासिक मंदिर का जीर्णोद्धार करने में पूर्ण सहयोग देंगे।
