रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:नियमों को ताक में रखकर मशीनों से किया जा रहा है सरयू नदी का सीना छलनी । पर्यावरण प्रेमियों ने जताई नाराजगी ।
Laxman Singh Bisht
Wed, Jun 4, 2025
पर्यावरण प्रेमियों ने जताई नाराजगी खनन विभाग अनुमति देने तक हुआ सीमित।
एक और सरकार नदियों को बचाओ अभियान चलाने की बात करती हैं। तो वहीं दूसरी ओर खनन कारोबारियो के द्वारा नदियों का सीना मशीनों से छलनी किया जा रहा है ।आदर्श चंपावत जिले के बोतड़ी क्षेत्र में खनन कारोबारियो के द्वारा नियमों को ताक में रखकर मशीनों से सरयू नदी का सीना बेदर्दी से छलनी किया जा रहा है। तीन से चार मशीने अंधाधुंध खनन में लगी हुई है ।पर इन्हें देखने व रोकने वाला कोई नहीं है क्योंकि खनन कारोबारी ऊंची राजनीतिक पहुंच रखते हैं। जिले का खान विभाग खनन कारोबारियो को अनुमति देने तक सीमित रह गया है। इस प्रकार से नदियों के अंधाधुंध खनन पर क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों में गहरी नाराजगी जताई है।पर्यावरण प्रेमियों ने कहा जिस प्रकार से खनन कारोबारियो के द्वारा नियमों को ताक में रखकर जिले के बोतड़ी, रामेश्वर घाट क्षेत्र में मशीनों से सरयू नदी मे अंधा धुंध खनन किया जा रहा है उससे नदियों के अस्तित्व के अलावा जलीय जीव जंतुओं में भी खतरा मंडरा रहा है और यह पर्यावरण के लिए काफी गंभीर संकट है ।
नदिया अपना रुख बदल रही है ।पर शासन प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। खान विभाग के अधिकारी सिर्फ अनुमति देने तक सीमित रह गए हैं खनन नियमों के दायरे में हो रहा है या नहीं इससे उन्हें कोई लेना देना तक नहीं है। खान विभाग के अधिकारी फोन उठाने तक को तैयार नहीं है। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा मशीनों से हो रहे खनन से नदियों में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए है जो जानलेवा बने हुए है। कई लोग इनमें जान गवा चुके हैं। पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से नदियों में इस प्रकार से मशीनों से हो रहे अंधाधुंध खनन पर रोक लगाने की मांग की है।