रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:पेयजल योजना का निर्माण न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे प्रेम नगर वासी। बरसों से है प्यासे।
Laxman Singh Bisht
Sun, May 25, 2025
प्रेम नगर को हर घर नल हर घर जल योजना से जोड़ने की लोगों ने डीएम से की मांग।
प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर लगाए अनदेखी के आरोप।
4 करोड़ की योजना अधर में लटकी। नोलो धारों से पेयजल ढोने को मजबूर प्रेम नगर वासी।
लोहाघाट के पाटन पाटनी ग्राम पंचायत के प्रेम नगर क्षेत्र में रहने वाले लगभग 300 परिवारों के लिए आज तक कोई पेयजल योजना नहीं बन पाई है। जिस कारण प्रेम नगर क्षेत्र में पेयजल की भारी किल्लत रहती है पेयजल प्रेम नगर में बड़ी समस्या बन चुका है। रविवार को पेयजल समस्या के समाधान को लेकर क्षेत्र वासियों ने बैठक का आयोजन किया तथा डीएम चंपावत से प्रेम नगर क्षेत्र को हर घर नल हर घर जल योजना से जोड़ने की मांग की। लोगों ने कहा प्रेम नगर वासी बरसों से नोलो धारो व गधैरों से पेयजल ढोने को मजबूर है ।लेकिन अभी तक शासन प्रशासन के द्वारा उन लोगों के लिए कोई भी पेयजल योजना नहीं बनाई ना ही उन्हें अभी तक हर घर नल हर घर जल योजना से जोड़ा गया है जबकि सरकार हर घर नल व जल देने के दावे कर रही है।
जिस कारण क्षेत्र वासियों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया जानकारी मिली है कि प्रेम नगर क्षेत्र के लिए 2 वर्ष पूर्व हर घर नल हर घर जल योजना से 4 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित हुई थी। योजना के तहत प्रेम नगर वासियों के लिए ट्यूबवेल का निर्माण होना था। ग्रामीणों ने कहा पिछले वर्ष योजना में ट्यूबवेल व टैंक निर्माण का कार्य किया गया लेकिन लगभग एक वर्ष से यह कार्य ठप् पड़ा हुआ है। प्रेम नगर वासियों ने डीएम चंपावत से इस योजना की जांच कर जल्द से योजना का निर्माण कर जल्द प्रेम नगर वासियों को पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। कहा पिछले वर्ष ही उन्होंने समस्या के समाधान के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि व ग्राम पंचायत को पत्र दिए लेकिन कोई कार्रवाई उस पर नहीं हो पाई ना ही प्रशासन के द्वारा उनकी कोई शुध ली जा रही है। प्रेम नगर वासियों ने चेतावनी देते हुए कहा अगर एक माह के भीतर उनकी पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो समस्त प्रेम नगरवासी एसडीएम कार्यालय लोहाघाट में अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे
जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। राज्य आंदोलनकारी भूपेश देव ने कहा जिस उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना की थी वह उत्तराखंड कही भी धरातल में नहीं है। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए सरकार से भीख मांगनी पड़ रही है। क्या इसी उत्तराखंड के लिए हमने लड़ाई लड़ी थी।बैठक में गोविंद बल्लभ खर्कवाल, विक्रम सिंह अधिकारी ,सुरेश जोशी , खस्टी बल्लभ पांडे ,जगदीश खर्कवाल, भूपेश देव, मोहन जोशी, सुंदरनाथ ,बिशन सिंह, देब सिंह , गिरीश जोशी , उर्वा दत्त जोशी, बची राम गढ़कोटी ,दीवान सिंह सामंत, हरिश्चंद्र, नरेंद्र सिंह ,लीलाधर ,ललित मोहन ,सुरेश चंद्र गढ़कोटी ,उमेश चंद्र जोशी, जगदीश चंद्र ,अमरनाथ, जमुना दत्त ,हयात सिंह अधिकारी सहित कई लोग मौजूद रहे।