रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:हथकरघा मेले को लेकर एसडीएम के आदेश को अदालत ने किया निरस्त। 48 घंटे के भीतर नया आदेश पारित करने के दिए निर्देश।
Laxman Singh Bisht
Thu, May 29, 2025
अधिवक्ता यतीश की एक बार फिर शानदार पैरवी।न्यायालय ने मेला आयोजक को दी बड़ी राहत।
एसडीएम लोहाघाट के द्वारा 19 मई को लोहाघाट के जीआईसी खेल मैदान में 25 मई से 13 जून तक हथकरघा व मनोरंजन मेला लगाने के निर्देश केजीएन इंटरप्राइजेज रुद्रपुर को दिए थे ।जिसके बाद लोहाघाट के व्यापारी भड़क गए व्यापार संघ के नेतृत्व में बाजार बंद व आंदोलन की चेतावनी देते हुए व्यापारियों ने डीएम चंपावत से मुलाकात कर व्यापारियों के नुकसान का हवाला देते हुए हथकरघा मेला न लगाने की मांग की थी ।जिस पर शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते तथा खुफिया रिपोर्ट को देखते हुए एसडीएम लोहाघाट ने अपने पूर्व आदेश को निरस्त कर आयोजकों को हथकरघा मेला न लगाने का नया आदेश जारी किया।एसडीएम लोहाघाट के आदेश के खिलाफ मेला आयोजक ताज मोहम्मद ने अपने अधिवक्ता यतीश चंद्र जोशी के माध्यम से जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत में प्रार्थना पत्र लगाया तथा जनहित को देखते हुए मेला लगाने की अनुमति मांगी।अधिवक्ता यतीश जोशी ने न्यायालय में दलीले दी प्रशासन ने पूर्व में संबंधित विभागों की आख्या के तहत मेला लगाने की अनुमति आयोजकों को दी थी। जो बाद में कुछ व्यापारियों के दबाव में निरस्त कर दी गई। उन्होंने कहा जिस कारण मेरे मुवक्किल को काफी नुकसान उठाना पड़ा। उनका सामान वाहनों के जरिए लोहाघाट पहुंच चुका है ।अधिवक्ता यतीश ने अदालत को यह भी बताया मेला ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों के मनोरंजन , छोटे व्यापारियों व महिला समूहों के हित को देखते हुए लगाया जा रहा है ।मेले का नगर के व्यापारियों व व्यापार से कोई संबंध नहीं है प्रशासन ने कुछ व्यापारियों के दबाव में यह आदेश जारी किया । अधिवक्ता यतीश ने न्यायालय से ग्रामीण जनता और छोटे व्यापारियों व उनके मुवक्किल को मेंला न लगने से होने वाले नुकसान को देखते हुए एसडीएम लोहाघाट के आदेश को निरस्त करने तथा जीआईसी खेल मैदान में मेला लगाने की अनुमति देने की प्रार्थना की ।लगातार तीन दिन चली बहस के बाद दोनों अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने गुरुवार को जनहित को देखते हुए अपना फैसला सुनाया है ।
अधिवक्ता यतीश जोशी ने बताया माननीय न्यायालय ने ग्रामीण क्षेत्र की जनता के हित को देखते हुए एसडीएम लोहाघाट के 22 मई 2025 के आदेश को निरस्त किया है ।तथा आदेशित किया है ग्रामीणों व छोटे व्यापारियों के हितों को देखते हुए 48 घंटे के भीतर न्याय संगत तरीके से नया आदेश पारित किया जाए। अदालत ने यह भी कहा मेला लगने से क्षेत्र के कई छोटे व्यापारियों को रोजगार मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्र की जनता का मनोरंजन होगा । अदालत में यह भी कहा सिर्फ व्यापार मंडल की आपत्ति के आधार पर ऐसा आदेश पारित करना न्याय संगत नहीं है।अब देखना है 48 घंटे के भीतर एसडीएम क्या आदेश पारित करती हैं। या प्रशासन न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करता है। मालूम हो मामले में सभी लोगों की निगाहें टिकी हुई थी। मामले में अधिवक्ता यतीश जोशी के द्वारा शानदार पेरवी की गई।



