रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : चम्पावत दूबड़ सहकारी समिति गबन मामले को लेकर जांच कमेटी ने की जनसुनवाई /किसानों ने सरकार का फूंका पुतला
Laxman Singh Bisht
Thu, Apr 10, 2025
नरेंद्र उत्तराखंडी के नेतृत्व में 38वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी
ये सरकार गूंगी और बहरी है : नरेंद्र उत्तराखंडी
चम्पावत जिले के पाटी ब्लॉक की साधन सहकारी समिति दूबड़ में किसानों ने समिति सचिव पर गबन के आरोप लगाए हैं । एसआईटी जांच सहित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड किसान संगठन के बैनर तले उत्तराखंड किसान संगठन के संयोजक नरेंद्र उत्तराखंडी के नेतृत्व में गुरुवार को किसानों का लगातार 38वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा । धरना प्रदर्शन के 38 वें दिन गबन मामले को संवेदनशील और गंभीर मानते हुए सहकारिता विभाग की जांच टीम समिति में पहुंची । जांच टीम में सहकारिता विभाग के पांच लोग शामिल हैं । जांच समिति का अध्यक्ष अपर जिला सहकारी अधिकारी पाटी नलिन विश्वकर्मा को बनाया गया है ।
जानकारी के मुताबिक जांच समिति अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा 10 अप्रैल को सहकारी समिति दूबड़ में प्रातः 11 बजे जनसुनवाई शुरू की गई । शाम 7:30 बजे तक जांच जारी थी । बताया गया किसानों के बयान और शिकायतें भी दर्ज की जा रही हैं और अभिलेखों की जांच भी चल रही है ।10 अप्रैल जहां एक ओर समिति में जांच चल रही थी तो वहीं दूसरी ओर किसानों ने 38वें दिन भी समिति में धरना प्रदर्शन जारी रखा । 38वें दिन धरना स्थल में उत्तराखंड किसान संगठन के संयोजक नरेंद्र उत्तराखंडी के नेतृत्व में एसआईटी जांच सहित तीन सूत्रीय मांग को लेकर खष्टी बल्लभ सकलानी , खुशाल बोहरा , त्रिभुवन सकलानी , केशव दत्त भट्ट , शिवराज सिंह बोहरा , हयात सिंह बोहरा सहित तमाम किसानों ने क्रमिक अनशन किया । किसानों ने सरकार को गूंगी सरकार बहरी सरकार की संज्ञा दी।
धरनास्थल में किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए उत्तराखंड सरकार का पुतला फूंका और शासन / प्रशासन होश में आओ के नारे भी लगाए ।किसानों को संबोधित करते हुए नरेंद्र उत्तराखंडी ने उत्तराखंड सरकार को गूंगी - बहरी सरकार घोषित किया। कहा 38 दिन तक धरना , क्रमिक अनशन करने के बाद भी अगर किसानों का दर्द सरकार को दिखाई और सुनाई नहीं देता है तो जाहिर है कि सरकार गूंगी और बहरी है । इस धरने के समर्थन में काशी राम , भुवन राम , प्रकाश राम , केशवराव , दया राम , नवीन राम , लक्ष्मण राम केशव राम , मोहन राम , दया राम , प्रयाग दत्त , शंकर दत्त उत्तम सिंह , घनश्याम , छत्तर राम सहित दर्जनों किसान रहे ।