: उत्तराखण्ड:छोटे कर्मचारियों की बलि देकर वन विभाग ने जंगल की आग से झाड़ा पल्ला
Wed, May 8, 2024
छोटे कर्मचारियों की बलि देकर वन विभाग ने झाड़ा पल्ला
प्रदेश में जंगलों में बड़ती आग की घटनाओं को लेकर शासन ने कई छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है जिस कारण लोगों व बन कर्मियो में काफी आक्रोश है वही लोगों ने कहा छोटे कर्मचारियों की बली देकर वन विभाग के अधिकारी अपना पल्ला नहीं झाड़ सकते है इस प्रदेश में एफआरआई जैसा देश का बड़ा संस्थान है। जंगलो में लगी आग पर इनकी क्या जिम्मेदारी रही ? एसी कारो में घूमने वाले डीएफओ लेवल के अधिकारियों का क्या होगा ? इन पर कब गाज गिरेगी। इनसे कौन सवाल करेगा। लोगो ने कहा हमने धरातल पर वन दरोगा, फारेस्ट गार्ड, वन आरक्षी जैसे छोटे कर्मचारियों को भूखे प्यासे पेड़ की टहनियों की मदद से जंगल की आग से लड़ते देखा है। कम संसाधनों के बाद भी यह छोटे कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर आग से लड़ते हुए देखे जा सकते हैं आग बुझाने में कई कर्मचारी झुलस तक गए हैं कईयो को चोटें लगी हैं। लोगो ने कहा आग लगने की घटना पर इन छोटे कर्मचारियों ने इतनी बड़ी क्या गलती कर दी जो इन छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया या अन्य सजा दी गई है लोगों ने कहा अगर सजा देनी है तो डीएफओ को दी जाए जिनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी बनती है
लोगो ने कहा किसी कर्मचारी ने समय पर साहब का फोन नहीं उठाया होगा। वाहन न होने के चलते घटना स्थल पर लेट पहुँचा होगा या मोटरसाइकिल पंचर हो गयी होगी कहीं पैदल चलने में घटना स्थल तक पहुंचने में देर हो गई होगी लेकिन सवाल यह है कि फायर सीजन से पहले डीएफओ लेवल के अधिकारियों ने आग से जंगलों के बचाव के लिए क्या नीति निर्धारित की, इसका असर धरातल पर क्यों नहीं दिखा ? इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी क्या ये बैठके केवल बादाम खाने व कॉफी गटकने के लिए ही आयोजित होती रही औऱ जब मामला बिगड़ गया तो इन छोटे कर्मचारियों पर कार्यवाही कर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ दिया गया लोगों ने कहा जब हर साल फायर सीजन आता है तो पहले से ही वन विभाग के अधिकारियों ने पुरी तैयारी क्यों नहीं करी थी प्रदेश के वन मंत्री व अधिकारियो ने जंगल की आग को कितनी गंभीरता से लिया और बन कर्मियो को कितने आधुनिक उपकरण आग पर काबू पाने को दिए गए थे कुल मिलाकर अंत में गाज में छोटे कर्मचारियों पर ही गिरती है
: नैनीताल हाईकोर्ट शिफ्टिंग मामले में अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी
Wed, May 8, 2024
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय शिफ्टिंग मामले में अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी
नैनीताल से उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की शिफ्टिंग के मौखिक आदेश से नाराज अधिवक्ताओं और मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के बीच लम्बी बहस हुई। खंडपीठ ने बार एसोसिएशन से एक सप्ताह में जनमत करा न्यायालय में पेश करने को कहा है।बुधवार सवेरे मुख्य न्यायाधीश ने आई.डी.पी.एल.के एक मामले को सुनते हुए हाई कोर्ट की एक बैंच ऋषिकेश के आई.डी.पी.एल.शिफ्ट करने के मौखिक निर्देश दिए। इस पर बार में उबाल आ गया और सभागार में बैठक कर मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल से मिला गया।दोपहर बाद दोबारा मिलने का समय तय हुआ और अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या दोपहर मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में पहुंची। तमाम वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मौजूदगी में बार की तरफ से खंडपीठ के सामने शिफ्टिंग रोकने की बात रखी गई।मुख्य न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं से कहा कि वो बाहर की हैं और पूर्व में कोर्ट को गौलापार शिफ्ट करने की डिमांड किसने की थी ? कहा कि दो वर्ष पूर्व 2022 में 26 हैक्टेयर लैंड गौलापार में चिन्हित (आईडेंटिफाई)हुआ था। उन्होंने कहा कि कोर्ट गौलापार जाना ठीक नहीं है क्योंकि वहां बहुत पेड़ हैं और पेड़ काटकर भवन बनाना ठीक है क्या ? अधिवक्ताओं से पूछा विकल्प के लिए बिना जंगल की 85 हैक्टेयर भूमि कहीं है तो बताएं ? उन्होंने कहा कि एक हफ्ते में जमीन तलाश लो लेकिन वो इस हैरिटेज भवन को नहीं छोड़ेंगे। हम सोच रहे हैं कि एक बेंच देहरादून होगी और हाईकोर्ट यहीं रहेगा। अधिवक्ताओं से कहा कि आप समाधान पर ध्यान दें।एक वक्त नाराज होते हुए कोर्ट ने कहा कि हमने आदेश पारित कर दिया है सरकार एस.एल.पी.में जा सकती है। चीफ ने महाधिवक्ता को तत्काल न्यायालय में बुलाया। न्यायालय ने महाधिवक्ता से कहा कि आप सरकार को कोर्ट शिफ्टिंग को लेकर सूचित करें। उन्होंने ऑप्शन के रूप में रामनगर में कोर्ट शिफ्टिंग के लिए कहा जिसका अधिवक्ताओं ने विरोध किया।मुख्य न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं से कहा कि आपने अगले 50 से 60 वर्षों में एडवांस दौर को देखते हुए आधुनिक भवन निर्माण और सुविधाएं देखनी चाहिए। आप ऑनलाइन रिसर्च कर समय की जरूरत के अनुसार चलें। उन्होंने अधिवक्ताओं से ये भी कहा कि हम आदेश में जगह न लिखकर एक अच्छे सुविधाजनक स्थल के लिए लिखेंगे। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने कहा कि शिफ्टिंग की डिमांड यहीं से आई।हल्द्वानी का प्रपोजल आया क्योंकि नैनीताल में जगह नहीं है। पहले तीन न्यायाधीश थे फिर 11 बने और आगे 80 भी बनेंगे, तो उन व्यवस्थाओं को देखते हुए तैयारी करनी होगी।बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य विजय भट्ट ने कहा की पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंगनाथन के कार्यकाल में बार ने लिखित में दिया था कि न्यायालय को किसी भी मैदानी क्षेत्र में शिफ्ट न करके पहाड़ों में ही रखा जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें ये दौर ‘ब्रिटिशकाल’ की याद दिला रहा है। हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष डी.सी.एस.रावत ने कहा कि आर्डर में बैंच की शिफ्टिंग कहा गया है तो आप अधिवक्ताओं से उसी पर पूछें। उन्होंने न्यायालय से आग्रह किया कि हाईकोर्ट को हल्द्वानी अथवा रामनगर शिफ्ट करने पर बार एसोसिएशन के जनमत के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए, तांकि जर्नल हाउस का सही निर्णय निकल सके।रावत ने न्यायालय से ये भी पूछा कि इतनी पुलिस क्यों बुलाई गई है ? उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से आर्डर को रिकॉल करने का आग्रह किया तो चीफ ने कहा कि अभी आर्डर पर साइन नहीं किये हैं। अधिवक्ता सय्यद नदीम ‘मून’ ने कहा कि हमने पृथक पहाड़ी राज्य के लिए आंदोलन किया और पहाड़ की जगह मैदानी क्षेत्र में इंस्टीट्यूशन का जाना एक बड़ा दुर्भाग्य है।वरिष्ठ अधिवक्ता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डी.के.शर्मा ने कहा कि यू.एस.नगर जिले में 5000 एकड़ जमीन है, जहां सिडकुल बना है और न्यायालय वहां शिफ्ट किया जा सकता है। न्यायालय में इस दौरान वी.सी.की व्यवस्था भी बंद रही। अध्यक्ष रावत ने कहा कि न्यायालय ने उनसे एक जनमत कराकर हाईकोर्ट को शिफ्ट करने का एक सप्ताह में प्रस्ताव मांगा है।
: चंपावत :ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो छात्राओं की मौत
Wed, May 8, 2024
ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो छात्राओं की मौत
चंपावत के ग्राम पंचायत बुडम के तलियाबाज की स्कूल से घर जा रही दो बालिकाएं सुखीढाग मीनार रोड में पानी ढो रहे टैक्टर में तलियाबाज स्कूल से अपने घर बुडम जा रही थी तभी मोड मे अचानक दोनों छात्राएं ट्रैक्टर से नीचे गिर गयी और ट्रैक्टर के नीचे आने से दोनों छात्राओ की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई बताया जा रहा है ट्रैक्टर में 10 बालिकाएं एवं चालक सवार था मृतक छात्राओं मे कु० अनिता( 17)पुत्री कुशल सिंह ,कु०बबिता(16) पुत्री हरी सिंह निवासी बुडम हैं वही दो छात्राओ की मौत से क्षेत्र में कोहराम मच गया वहीं सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा दोनो छात्राओ को टनकपुर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने दोनो को मृत घोषित कर दिया पुलिस मामले की जांच कर रही है दोनों हाई स्कूल की छत्राएं हैं जो बुडम क्षेत्र में स्कूल न होने से 12 किलोमीटर दूर तलियाबाज स्कूल पढ़ने आती थीं वही ट्रैक्टर चालक नेपाली नागरिक रेशम रावत मौके से फरार हो गया ट्रैक्टर ठेकेदार लक्ष्मी दत्त बिनवाल के निर्माण कार्य मे लगा हुआ था वही इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख जताया हैं