Wednesday 26th of August 2026

ब्रेकिंग

चंपावत:नेपाल में भीषण बाढ़ व आपदा के चलते चम्पावत जिला प्रशासन अलर्ट। जारी किए हेल्पलाइन नंबर

लोहाघाट:आषाढ़ी महोत्सव सुई में रंगारंग कार्यक्रमों की मची धूम प्रेमनगर की महिलाओं की शानदार प्रस्तुति

लोहाघाट:त्योहारी सीजन खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाइयों व राशन दुकानों का किया निरीक्षण

चंपावत:देवीधुरा बग्वाल मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण

चंपावत:सीएम धामी का 27 अगस्त को चम्पावत दौरा 'सशक्त बहना उत्सव-2026' में करेंगे प्रतिभाग

सूचना

: लोहाघाट:कोली ढेक झील में नाव में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर नाव संचालकों के खिलाफ होगी कार्यवाही

Laxman Singh Bisht

Fri, Jul 14, 2023
  अधिशासी अभियंता राजकीय सिंचाई भुवन चंद्र पांडेय ने अवगत कराया कि वर्तमान में 15 जून से 15 अक्टूबर तक मानसून काल चल रहा है। साथ ही मौसम विभाग द्वारा समय समय पर भारी वर्षा का अलर्ट भी जारी किया जा रहा हैं। विगत दिनों से जनपद में भी लगातार वर्षा होने के कारण जिले के लोहाघाट स्थित लोहावती नदी का जलस्तर बढ़ने से लोहावती नदी पर बने कोलीढेक कृत्रिम जलाशय का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलाशय के अनुमन्य जलस्तर को बनाए रखने हेतु डैम के गेटो को बरसात के दौरान कभी भी खोला अथवा बन्द करना पड़ सकता है। उक्त के दृष्टिगत अधिशासी अभियंता सिंचाई लोहाघाट ने वर्तमान में कोलिढेक जलाशय के समस्त नाव एवं जार्बिंग बाल चालकों को सूचित करते हुए मानसून काल में अलर्ट रहने के साथ ही उन्हें अपनी नाव एवं जार्बिंग बॉल को सुरक्षित स्थानो पर रखने के निर्देश दिए हैं* इसके अतिरिक्त उन्होंने उक्त सभी चालकों को यह भी सूचित किया है कि जलाशय क्षेत्र में काफी वृक्ष वर्तमान में सूख चूके हैं, एवं बारिश होने के कारण जलस्तर बढने से वृक्षों के गिरने की भी सम्भावना बनी हुई है, जिसमें नौका एवं जार्बिंग चालन के दौरान दुर्घटना घटित होने की सम्भावना बनी हुई है इस हेतु सभी नोकायान व जार्बिंग बॉल संचालकों को सूचित करते हुए अवगत कराया है कि, बारिश व बारिश के अलर्ट के दौरान जलाशय में नौका एवं जार्बिग बॉल का चालन पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित रहेगा। उन्होंने उक्त आदेशों में किसी भी प्रकार की अवहेलना पर समस्त जिम्मेदारी नोकायान व जार्बिंग बॉल संचालकों की होगी एवं चालान की कार्यवाही कर लाईसेन्स भी निरस्त कर दिया जाएगा। जिस हेतु संचालकों का विभाग पर कोई भी दावा मान्य नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि यह आदेश मानसून काल एवं उसके बाद भी वर्षाकाल के दौरान लागू रहेगा।* इसके साथ साथ जलाशय की सिल्ट सफाई हेतु भी मानसून काल में डैम की सुरक्षा हेतु भी जलाशय को खाली किया जाना आवश्यक है। जिस हेतु जन सामान्य एवं डैम की सुरक्षा के लिए डैम के गेटों को नियमानुसार खोला जाएगा। साथ ही इंजीनियर पांडेय ने यह भी अवगत कराया कि प्रायः यह देखने में आ रहा है कि नावों का उनकी क्षमता के अनुसार दो एवं चार सीटों का लाईसेन्स निर्गत किया गया है, किन्तु *नाव चालकों द्वारा मानकों की अवहेलना करते हुए अधिक पर्यटक बैठाए जा रहे हैं, ओवरलोडिंग से होने वाली किसी भी दुर्घटना हेतु समस्त जिम्मेदारी नाव चालकों की होगी। ओवरलोडिंग करने पर चालान की कार्यवाही भी की जाएगी। चालान करने के पश्चात भी नियमों के अनुसार नाव संचालन न करने पर लाईसेन्स रद्द कर दिया जाएगा।

विज्ञापन

जरूरी खबरें