रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:डीएम मनीष कुमार ने किया जिला आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
डीएम मनीष कुमार ने किया जिला आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

जिला आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण: जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को परखा, 24 घंटे सतर्क रहें कार्मिक

जनपद चंपावत में हो रही लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए जनपद में आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की धरातलीय स्थिति को परखने तथा मानसून काल में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मनीष कुमार ने रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित जिला आपदा परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, वायरलेस एवं सैटेलाइट संचार प्रणाली की क्रियाशीलता तथा ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों की उपस्थिति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कार्मिकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरते। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी 24 घंटे पूर्ण रूप से अलर्ट मोड पर रहें, ताकि जिले के किसी भी क्षेत्र में आपदा या अप्रिय घटना घटित होने पर बिना समय गंवाए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।सड़क मार्ग की सुगमता को प्राथमिकता पर रखते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूस्खलन अथवा अतिवृष्टि से बंद होने वाले संवेदनशील मार्गों को चिन्हित कर वहां पहले से ही जेसीबी और आवश्यक भारी मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाए, जिससे यातायात बाधित होने पर उसे अविलंब बहाल किया जा सके।सूचनाओं के त्वरित और सटीक आदान-प्रदान पर विशेष बल देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाले प्रत्येक संदेश, शिकायत और जनसमस्या का एक व्यवस्थित लॉग रजिस्टर तैयार किया जाए।प्राप्त सूचनाओं को बिना किसी विलंब के संबंधित विभागीय अधिकारियों को हस्तांतरित कर उन पर की गई कार्यवाही की भी निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।संचार तंत्र को आपदा प्रबंधन की रीढ़ बताते हुए उन्होंने दूरदराज एवं नेटवर्कविहीन क्षेत्रों से संपर्क बनाए रखने के लिए सैटेलाइट फोन, वायरलेस सेट और अन्य अत्याधुनिक संचार उपकरणों को हर समय पूरी तरह क्रियाशील रखने की ताकीद की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों या मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त होने की दशा में भी बैकअप संचार प्रणाली पूरी तरह से प्रभावी रहनी चाहिए, जिससे आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिए जा सकें।इस दौरान आपदा परिचालन केंद्र के कार्मिक उपस्थित रहे।
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