रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:जेई का स्थानांतरण रद भड़के पाटी के ग्राम प्रधान कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन डीएम से जांच की मांग
Laxman Singh Bisht
Mon, Sep 7, 2026
जेई का स्थानांतरण रद भड़के पाटी के ग्राम प्रधान कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन डीएम से जांच की मांग
पाटी विकासखंड के 50 से अधिक ग्राम प्रधानों ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग।
(मांग पूरी न होने पर 2027 चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी।)

चंपावत जिले के पाटी विकासखंड में तैनात कनिष्ठ अभियंता (जेई) के स्थानांतरण आदेश को निरस्त किए जाने के बाद ग्राम प्रधानों का आक्रोश भड़क गया। सोमवार को भारी वर्षा के बावजूद पाटी विकासखंड के 50 से अधिक ग्राम प्रधान चंपावत कलक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपी जेई का स्थानांतरण दोबारा करने, उनके खिलाफ लगाए गए कमीशन खोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और कृषि उपकरणों के वितरण की भी जांच कराने की मांग की।ग्राम प्रधानों ने जेई पर कार्यों में लापरवाही और अतिरिक्त कटौती किए जाने समेत कई आरोप लगाए। ग्राम प्रधानों ने कहा शिकायतों के बावजूद प्रशासन के द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब शिकायतों और जनप्रतिनिधि के विरोध के बाद जेई का स्थानांतरण किया गया था तो कुछ ही दिन बाद आदेश निरस्त करने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।
(लोहाघाट विधायक के विरोध के बाद हुआ था स्थानांतरण)
मामला उस समय गरमा गया था जब लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने पाटी ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों की शिकायतों को लेकर सीडीओ कार्यालय में अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई थी। उन्होंने संबंधित जेई को हटाने और आरोपों की जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद डीपीआरओ के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से तीन सितंबर को पाटी में तैनात जेई का स्थानांतरण बाराकोट और बाराकोट में तैनात जेई का स्थानांतरण पाटी कर दिया गया था। सात सितंबर को यह आदेश निरस्त कर दोनों जेई को पूर्व तैनाती पर भेज दिया गया। इसकी जानकारी मिलने के बाद ग्राम प्रधानों में आक्रोश फैल गया।
(बाराकोट के प्रधान भी जता चुके हैं विरोध)
पाटी से बाराकोट स्थानांतरित किए गए जेई के विरोध में बाराकोट ग्राम प्रधान संगठन भी आवाज उठा चुका है। प्रधानों का कहना था कि यदि जेई पर आरोप सही हैं तो उन्हें बाराकोट में भी तैनात नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से संबंधित जेई को हटाने की मांग की थी।
(जांच नहीं हुई तो ग्राम प्रधानों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी)
पाटी विकासखंड में कुल 84 ग्राम पंचायतें हैं। प्रदर्शन में 50 से अधिक ग्राम प्रधानों के पहुंचने का दावा किया गया। प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरण और निष्पक्ष जांच की मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का भी निर्णय लिया जाएगा।ग्राम प्रधानों ने जेई पर लगाए गए आरोपों की जांच के साथ ही समूह की महिलाओं को वितरित किए गए कृषि उपकरणों की प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि जांच पूरी होने तक संबंधित जेई को उसी स्थान पर तैनात रखना उचित नहीं है।
(डीएम ने सुना ग्राम प्रधानों का पक्ष, जांच का दिया आश्वासन)
प्रदर्शन के बाद ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपा। डीएम ने उनकी शिकायतें सुनीं और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्राम प्रधान शांत हुए।
(ग्राम प्रधानों ने सीडीओ और बीडीओ के स्थानांतरण पर भी उठाए सवाल)
ग्राम प्रधानों ने आरोप लगाया कि विधायक की ओर से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच कराने की बात कही थी। इसके बाद उसी दिन उनका स्थानांतरण कर दिया गया। साथ ही बेहतर कार्य कर रही बीडीओ पाटी का भी स्थानांतरण कर दिया गया।, जबकि आरोपित जेई का स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया। प्रधानों ने इस पूरे घटनाक्रम की भी जांच की मांग उठाई।प्रदर्शन में ग्राम प्रधान महेश चंद्र, ज्योति, प्रकाश जोशी, तनुजा जोशी, पूजा देवी, देवकी देवी, बबीता, हेमलता बोहरा, चंदन राम, लक्ष्मी देवी और खिला देवी व कांग्रेस प्रवक्ता शैलेंद्र राय, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष चांद बोहरा, कांग्रेस नगर अध्यक्ष अमर कोटियाल समेत कई प्रधान मौजूद रहे।
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