रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:मानदेय की मांग को लेकर आशा कार्य कृतियो का कार्य बहिष्कार।
Laxman Singh Bisht
Tue, Sep 8, 2026
मानदेय की मांग को लेकर आशा कार्य कृतियो का कार्य बहिष्कार।
सरकार के खिलाफ की जोरदार नारेबाजी। 2027 चुनाव बहिष्कार का ऐलान।
सितंबर के हर मंगलवार को करेंगे 2 घंटे कार्य बहिष्कार अक्टूबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी।
पांच माह से नहीं मिला है मानदेय

प्रदेश की आशा कार्य कृतिया लंबे समय से सरकार से मानदेय व सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग कर रही है पर सरकार के द्वारा अभी तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। सरकार के रवैए से नाराज आशा कार्यकृतिया अब एक बार फिर से आंदोलन की राह में चल पड़ी हैं। चंपावत आशा कार्यकर्ती संगठन जिला अध्यक्ष सरस्वती पुनेठा के निर्देश व पदमा प्रथोली के नेतृत्व में आज 8 सितंबर मंगलवार को लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में आशा कार्य कृतियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया तथा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। आशा कार्यकृतिया लंबे समय से 24 हजार रूपए मासिक मानदेय व सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग सरकार से कर रही है। कई बार आशाओं के द्वारा मांगों को लेकर आंदोलन भी किया जा चुका है पर सरकार के द्वारा उनकी कोई सुध नहीं ली गई है। आशा कार्यकृतियों ने कहा अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर चंपावत जिले की आशा कार्यकर्तियां एक सितंबर से सरकार को जगाने के लिए हर मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर रही तथा 2 घंटे का धरना देगी कहा अक्टूबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा अगर सरकार आशाओं की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है तो आगे को आंदोलन को और भी ज्यादा बड़ा रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा आशा काफी विषम परिस्थितियों में अपना कार्य करती हैं पर उसके बावजूद सरकार के द्वारा उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही है। कहा पर्वतीय क्षेत्र में आशाओं को और भी अधिक कठिनाइयां झेलनी पड़ती हैं कहा आशाओं की प्रमुख मांग 24 हजार प्रतिमाह मानदेय व सरकारी कर्मचारी घोषित करने की है जिसे सरकार जल्द पूरा करें कहा अब आश्वासन नहीं चलेगा। आशाओ ने कहा अगर मांगे नहीं मानी गई तो आशाएं 2027 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगी तथा आंदोलन को अक्टूबर से और भी ज्यादा उग्र रूप दिया जाएगा। आशा ने कहा सरकार ने उन्हें शिशु मात्रा दर कम करने के लिए रखा था वह काम तो नहीं करवाया आ रहा है उसके साथ-साथ कई जिम्मेदारी आशाओं में डाल दी गई है। आशाओं ने कहा पिछले 5 महीने से सरकार के द्वारा उन्हें मानदेय तक नहीं दिया गया है। जिस कारण उन्हें अपने परिवार के भरण पोषण में काफी दिक्कतें हो रही। आशाओ ने कहा अगर सरकार के पास पैसा नहीं है तो आशाओं को वह सेवा से हटा दे। आशाओ ने कहा मुख्यमंत्री ने जो वादा किया है उसे निभाएं।इस दौरान पदमा प्रथोली,रीना सिंह, चंपा राय,विमला पाटनी आयशा बानो, रीना सिंह, हेमा कलोनी ,पुष्पा देवी, लक्ष्मी देवी,गायत्री, महेश्वरी देवी, विमला पाटनी ,हेमा जोशी,रेखा कुवर ,जानकी सामंत, रेखा देवी ,पार्वती देवी,आशा सामंत, मीना देवी, रेखा जोशी,सहित कई आशाएं मौजूद रही।
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