Sunday 12th of April 2026

ब्रेकिंग

दून:सीएम धामी से बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने की मुलाकात

लोहाघाट:जय मां भगवती बालीबाल प्रतियोगिता का समापन चंपावत बनी चैंपियन।12 टीमों ने किया प्रतिभाग

चंपावत:सुरक्षित मातृत्व की ओर चम्पावत: स्वास्थ्य विभाग का घर-घर जागरूकता अभियान

चंपावत:युवा कृषक कमल गिरी बने बागवानी के रोल मॉडल डीएम ने फार्म पहुंचकर की सराहना

लोहाघाट:दुर्घटनाओं को दावत देती अद्वैत आश्रम मायावती की क्षतिग्रस्त सड़क पर्यटकों को खतरा।

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:युवा कृषक कमल गिरी बने बागवानी के रोल मॉडल डीएम ने फार्म पहुंचकर की सराहना

Laxman Singh Bisht

Sun, Apr 12, 2026

युवा कृषक कमल गिरी बने बागवानी के रोल मॉडल डीएम ने फार्म पहुंचकर की सराहना

जनपद चम्पावत के दूधपोखरा निवासी युवा कृषक कमल गिरी द्वारा बागवानी एवं बहुआयामी कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट एवं नवाचारी कार्यों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उनके फार्म का स्थलीय निरीक्षण किया तथा विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने फार्म में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, फसलों के विविधीकरण तथा स्वरोजगार के सफल मॉडल की सराहना की।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कमल गिरी से सेब, कीवी, तेजपत्ता, बड़ी इलायची सहित अन्य फसलों के उत्पादन, विपणन व्यवस्था एवं सरकारी योजनाओं से प्राप्त लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। कमल गिरी ने बताया कि उन्होंने उद्यान विभाग की एप्पल मिशन योजना के अंतर्गत अनुदान पर सेब के पौधे प्राप्त कर बागवानी की शुरुआत की। इसके साथ ही कीवी मिशन के माध्यम से कीवी उत्पादन को भी सफलतापूर्वक विकसित किया गया है।उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में वे लगभग 15 नाली भूमि में 1000 से अधिक सेब के पेड़ों का उत्पादन कर रहे हैं, जिनसे उच्च गुणवत्ता के फल प्राप्त हो रहे हैं। इन फलों को वे 180 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से स्थानीय बाजार में विक्रय करते हैं, साथ ही उनके फार्म पर आने वाले पर्यटक स्वयं पेड़ों से फल तोड़कर खरीदने का अनुभव भी प्राप्त करते हैं, जिससे आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हुए हैं।कमल गिरी द्वारा फार्म में बहुविध कृषि प्रणाली को अपनाते हुए पॉलीहाउस के माध्यम से सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन (मौन पालन) एवं मछली पालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्याज़, काली हल्दी, तेजपत्ता, अदरक, आड़ू, पुलम, नींबू तथा कैमोमाइल चाय का उत्पादन भी किया जा रहा है, जिससे उन्हें वर्षभर आय प्राप्त हो रही है।उन्होंने यह भी बताया कि पॉलीहाउस निर्माण एवं तारबाड़/सोलर फेंसिंग की सुविधा मिलने से उनकी फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षा मिली है, जिससे उत्पादन में निरंतर वृद्धि हुई है। कमल गिरी ने जिलाधिकारी को सेब एवं कीवी उत्पादन की तकनीकी बारीकियों, मधुमक्खी पालन के महत्व तथा कृषि कार्यों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से भी अवगत कराया।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कमल गिरी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचार, परिश्रम एवं वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित कृषि कार्य जनपद के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के क्षेत्र में इस तरह के सफल मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे प्रगतिशील एवं सफल कृषकों को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए तथा अन्य इच्छुक किसानों को भी विभिन्न योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग बागवानी एवं बहुआयामी कृषि को अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकें।इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी अशोक अधिकारी, डेसमंड सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

जरूरी खबरें