: चंपावत:जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं भुम्टा के ग्रामीण, मार्ग हुआ क्षतिग्रस्त किसी भी समय हो सकती है दुघर्टना पालबिलोल क्षेत्र में बारिश ने मचाई भारी तबाही
Laxman Singh Bisht
Sun, Sep 15, 2024
जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं भुम्टा के ग्रामीण, मार्ग हुआ क्षतिग्रस्त किसी भी समय हो सकती है दुघर्टना पालबिलोल क्षेत्र में बारिश ने मचाई भारी तबाही
चंपावत जिला मुख्यालय से मात्र 29 किमी दूर अमोड़ी क्षेत्र के भुम्टा के ग्रामीण मजबूरी मे जान हथेली में रखकर नदी पार करने को मजबूर हैं। झूला पुल का रास्ता क्षतिग्रस्त होने से क्वैराला नदी के उस पार सैकड़ो ग्रामीण फंस गए हैं। जिससे ग्रामीणों के सामने अब खाने पीने सहित रोजगार की समस्या पैदा होने लगी है। ग्रामीणों ने जल्द जिला प्रशासन व चंपावत विधायक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस गंभीर समस्या के जल्द समाधान की की मांग उठाई है।बीते दिनों तीन दिन तक हुई मूसलाधार बारिश के चलते पाल बिलौन क्षेत्र के अमोड़ी में काफी नुकसान हुआ है। क्वैराला नदी के उस पार रहने वाले सैकड़ों ग्रामीणों फंस गए है। झूला पुल से लगा हुआ पैदल रास्ता टूटने के कारण ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीण जान हथेली में रखकर नदी पार कर रहे हैं जिसमें कभी भी ग्रामीणों के साथ कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है नदी मे पानी का बहाव अधिक होने के कारण नदी से ग्रामीण आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द उचित व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
चंपावत जिला मुख्यालय से मात्र 29 किमी दूर अमोड़ी क्षेत्र के भुम्टा के ग्रामीण मजबूरी मे जान हथेली में रखकर नदी पार करने को मजबूर हैं। झूला पुल का रास्ता क्षतिग्रस्त होने से क्वैराला नदी के उस पार सैकड़ो ग्रामीण फंस गए हैं। जिससे ग्रामीणों के सामने अब खाने पीने सहित रोजगार की समस्या पैदा होने लगी है। ग्रामीणों ने जल्द जिला प्रशासन व चंपावत विधायक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस गंभीर समस्या के जल्द समाधान की की मांग उठाई है।बीते दिनों तीन दिन तक हुई मूसलाधार बारिश के चलते पाल बिलौन क्षेत्र के अमोड़ी में काफी नुकसान हुआ है। क्वैराला नदी के उस पार रहने वाले सैकड़ों ग्रामीणों फंस गए है। झूला पुल से लगा हुआ पैदल रास्ता टूटने के कारण ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीण जान हथेली में रखकर नदी पार कर रहे हैं जिसमें कभी भी ग्रामीणों के साथ कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है नदी मे पानी का बहाव अधिक होने के कारण नदी से ग्रामीण आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द उचित व्यवस्था करने की मांग उठाई है।