: लोहाघाट क्षेत्र में सूखा पड़ने से फसले तबाह किसान बेहाल किसान नेता राजू भैया ने सरकार से किसानों की मदद की करी मांग
Laxman Singh Bisht
Tue, Jan 9, 2024
लोहाघाट क्षेत्र में सूखा पड़ने से फसले तबाह किसान बेहाल किसान नेता राजू भैया ने सरकार से किसानों की मदद की करी मांग
लोहाघाट क्षेत्र में लंबे समय से बारिश न होने से सूखे के हालात पैदा हो गए हैं जिस कारण विधानसभा क्षेत्र में किसानों की फसले सूख चुकी है जिसके चलते किसान काफी मायूस है वहीं मंगलवार को किसान संगठन के जिला संयोजक राजू भैया ने कहा पहले लंपी वायरस ने विधानसभा क्षेत्र के किसानों की कमर तोड़ी सरकार ने किसानों की कोई मदद नहीं करी अब पिछले पांच महीनो से बारिश न होने से किसानों की गेहूं की फसले व बोई गई सब्जियां पूरी तरह सूख चुकी है जिस कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो रहा है बची खुची फसलों को जंगली जानवर तबाह कर रहे हैं किसानों को बाजार में सिट्रस फलों के दाम नहीं मिल पा रहे हैं ना ही सरकार के द्वारा अभी तक सिट्रस फलों के खरीद केंद्र बनाए गए हैं ना ही जिले में कोई कोल्ड स्टोरेज बनाया गया है सरकार के द्वारा कोई मदद फिलहाल किसानों को नहीं दी जा रही है आखिर किसान जाए तो कहां जाए राजू भैया ने कहा सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए ठोस योजना बनाएं अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब किसान सरकार के खिलाफ सड़कों में होंगे
लोहाघाट क्षेत्र में लंबे समय से बारिश न होने से सूखे के हालात पैदा हो गए हैं जिस कारण विधानसभा क्षेत्र में किसानों की फसले सूख चुकी है जिसके चलते किसान काफी मायूस है वहीं मंगलवार को किसान संगठन के जिला संयोजक राजू भैया ने कहा पहले लंपी वायरस ने विधानसभा क्षेत्र के किसानों की कमर तोड़ी सरकार ने किसानों की कोई मदद नहीं करी अब पिछले पांच महीनो से बारिश न होने से किसानों की गेहूं की फसले व बोई गई सब्जियां पूरी तरह सूख चुकी है जिस कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो रहा है बची खुची फसलों को जंगली जानवर तबाह कर रहे हैं किसानों को बाजार में सिट्रस फलों के दाम नहीं मिल पा रहे हैं ना ही सरकार के द्वारा अभी तक सिट्रस फलों के खरीद केंद्र बनाए गए हैं ना ही जिले में कोई कोल्ड स्टोरेज बनाया गया है सरकार के द्वारा कोई मदद फिलहाल किसानों को नहीं दी जा रही है आखिर किसान जाए तो कहां जाए राजू भैया ने कहा सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए ठोस योजना बनाएं अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब किसान सरकार के खिलाफ सड़कों में होंगे