: लोहाघाट:विस्थापन की मांग को लेकर कमलेड़ी के ग्रामीणों का प्रदर्शन डर के साए में जीने को मजबूर ग्रामीण
Laxman Singh Bisht
Tue, Sep 17, 2024
विस्थापन की मांग को लेकर कमलेड़ी के ग्रामीणों का प्रदर्शन डर के साए में जीने को मजबूर ग्रामीण
12 वह 13 सितंबर को आई भीषण आपदा ने लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत गांव कमेलेड़ी में भारी तबाही मचाई आपदा से गांव के कई भवन खतरे की जद में आ गए गांव पूरी तरह खतरे की जद में आ चुका है ग्रामीणों की रातें डर के साए में कट रही है मंगलवार को ग्राम प्रधान पूजा भट्ट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विस्थापन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द विस्थापन की मांग की
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय भट्ट ने बताया आपदा से गांव के चारों ओर दरारें आ चुकी हैं गांव का हर परिवार डर के साए मे जी रहा है आपदा से गांव के कई भवनो को खतरा हो चुका है खेत खलिहान बह चुके हैं भट्ट ने बताया कल गांव का भूगर्भीय सर्वेक्षण किया गया था भूगर्भीय सर्वेक्षण टीम के द्वारा भी मौखिक तौर पर गांव को खतरा बताया है सर्वेक्षण की रिपोर्ट आनी बाकी है उन्होंने बताया 2021 की आपदा में भी गांव में काफी नुकसान हुआ था और प्रशासन के द्वारा भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया गया था पर उसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया भट्ट ने कहा गांव मे ग्रामीणों को जान माल का काफी बड़ा खतरा हो चुका है कभी भी ग्रामीणों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है गांव के समस्त ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से ग्रामीणों को सुरक्षित जगह विस्थापित करने की मांग की है
प्रदर्शन करने में कल्याण सिंह ,गिरधर सिंह ,कमल सिंह ,पुष्कर सिंह, हीरा सिंह ,गणेशराम, रमेश राम ,जगदीश राम सहित समस्त ग्रामीण मौजूद रहे
12 वह 13 सितंबर को आई भीषण आपदा ने लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत गांव कमेलेड़ी में भारी तबाही मचाई आपदा से गांव के कई भवन खतरे की जद में आ गए गांव पूरी तरह खतरे की जद में आ चुका है ग्रामीणों की रातें डर के साए में कट रही है मंगलवार को ग्राम प्रधान पूजा भट्ट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विस्थापन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द विस्थापन की मांग की
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय भट्ट ने बताया आपदा से गांव के चारों ओर दरारें आ चुकी हैं गांव का हर परिवार डर के साए मे जी रहा है आपदा से गांव के कई भवनो को खतरा हो चुका है खेत खलिहान बह चुके हैं भट्ट ने बताया कल गांव का भूगर्भीय सर्वेक्षण किया गया था भूगर्भीय सर्वेक्षण टीम के द्वारा भी मौखिक तौर पर गांव को खतरा बताया है सर्वेक्षण की रिपोर्ट आनी बाकी है उन्होंने बताया 2021 की आपदा में भी गांव में काफी नुकसान हुआ था और प्रशासन के द्वारा भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया गया था पर उसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया भट्ट ने कहा गांव मे ग्रामीणों को जान माल का काफी बड़ा खतरा हो चुका है कभी भी ग्रामीणों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है गांव के समस्त ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से ग्रामीणों को सुरक्षित जगह विस्थापित करने की मांग की है
प्रदर्शन करने में कल्याण सिंह ,गिरधर सिंह ,कमल सिंह ,पुष्कर सिंह, हीरा सिंह ,गणेशराम, रमेश राम ,जगदीश राम सहित समस्त ग्रामीण मौजूद रहे