: लोहाघाट:सड़क बहने से जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही करने को मजबूर ग्रामीण गांव में आवश्यक वस्तुओं की हुई किल्लत दो हज़ार की आबादी प्रभावित
Laxman Singh Bisht
Sun, Sep 15, 2024सड़क बहने से जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही करने को मजबूर ग्रामीण
शुक्रवार को चंपावत जिले में आई भीषण आपदा से बाराकोट ब्लाक की चोमैल चाचड़ी सड़क रुझाड़ी में बह गई है जिस कारण क्षेत्र के चार गांवो का संपर्क अन्य जगहों से पूरी तरह कट गया है रविवार को भाजपा मंडल महामंत्री अजय बिष्ट ने बताया आपदा में सड़क का 30 मीटर हिस्सा पूरी तरह से बह चुका है जिस कारण बलसो , चाचड़ी, सुतेड़ी व जमराड़ी गांव का सड़क संपर्क पूरी तरह कट चुका है सड़क बहने से क्षेत्र की लगभग दो हजार की आबादी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है ग्रामीण अब इधर-उधर जाने के लिए सड़क के इस टूटे हुए हिस्से को जान हथेली में रखकर पैदल पार कर रहे हैं उनके साथ कभी भी हादसा हो सकता है उन्होंने बताया स्कूल खुलने पर स्कूली छात्र-छात्राओं को भी इस खतरनाक हिस्से से होकर गुजरना पड़ेगा कहा गांव में अब आवश्यक वस्तुओं की किल्लत होने लगी है तथा कई वाहन गांव में फंस चुके हैं गांव की पेयजल लाइन ध्वस्त होने से गांव में पेयजल की भारी किल्लत हो गई है प्राकृतिक जल स्रोत भी मलबे में दब चुके हैं उन्होंने कहा आपदा से क्षेत्र में काफी तबाही हुई है
सड़क में बन रहा स्कवर भी बह चुका है वहीं अजय बिष्ट व क्षेत्र के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क व पेयजल लाइन निर्माण तथा गांव में आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति करने की मांग की है हालांकि प्रशासन की टीमे आपदा ग्रस्त क्षेत्रो में पहुंच रही हैं लेकिन आपदा बहुत बड़ी है डैमेज कंट्रोल करने में काफी वक्त लग सकता है प्रशासन की पहली प्राथमिकता बंद सड़कों को खोलना, विद्युत लाइनों को ठीक करना तथा पेयजल व्यवस्था को सुचारू करना है लेकिन कई क्षेत्रों की सड़के बुरी तरह बह गई है या टूट चुकी है संसाधनों की कमी आड़े आ सकती है फिलहाल जहां सड़के टूट चुकी हैं प्रशासन की टीम वहां पैदल पहुंच रही हैं
शुक्रवार को चंपावत जिले में आई भीषण आपदा से बाराकोट ब्लाक की चोमैल चाचड़ी सड़क रुझाड़ी में बह गई है जिस कारण क्षेत्र के चार गांवो का संपर्क अन्य जगहों से पूरी तरह कट गया है रविवार को भाजपा मंडल महामंत्री अजय बिष्ट ने बताया आपदा में सड़क का 30 मीटर हिस्सा पूरी तरह से बह चुका है जिस कारण बलसो , चाचड़ी, सुतेड़ी व जमराड़ी गांव का सड़क संपर्क पूरी तरह कट चुका है सड़क बहने से क्षेत्र की लगभग दो हजार की आबादी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है ग्रामीण अब इधर-उधर जाने के लिए सड़क के इस टूटे हुए हिस्से को जान हथेली में रखकर पैदल पार कर रहे हैं उनके साथ कभी भी हादसा हो सकता है उन्होंने बताया स्कूल खुलने पर स्कूली छात्र-छात्राओं को भी इस खतरनाक हिस्से से होकर गुजरना पड़ेगा कहा गांव में अब आवश्यक वस्तुओं की किल्लत होने लगी है तथा कई वाहन गांव में फंस चुके हैं गांव की पेयजल लाइन ध्वस्त होने से गांव में पेयजल की भारी किल्लत हो गई है प्राकृतिक जल स्रोत भी मलबे में दब चुके हैं उन्होंने कहा आपदा से क्षेत्र में काफी तबाही हुई है
सड़क में बन रहा स्कवर भी बह चुका है वहीं अजय बिष्ट व क्षेत्र के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क व पेयजल लाइन निर्माण तथा गांव में आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति करने की मांग की है हालांकि प्रशासन की टीमे आपदा ग्रस्त क्षेत्रो में पहुंच रही हैं लेकिन आपदा बहुत बड़ी है डैमेज कंट्रोल करने में काफी वक्त लग सकता है प्रशासन की पहली प्राथमिकता बंद सड़कों को खोलना, विद्युत लाइनों को ठीक करना तथा पेयजल व्यवस्था को सुचारू करना है लेकिन कई क्षेत्रों की सड़के बुरी तरह बह गई है या टूट चुकी है संसाधनों की कमी आड़े आ सकती है फिलहाल जहां सड़के टूट चुकी हैं प्रशासन की टीम वहां पैदल पहुंच रही हैं