: लोहाघाट:बिना फिटनेस के सड़कों में दौड़े रहे है फायर ब्रिगेड के 20 साल पुराने वाहन जनता व फायर सर्विस के जवानों की जान के साथ खिलवाड़
Laxman Singh Bisht
Mon, Oct 23, 2023बिना फिटनेस के सड़कों में दौड़े हैं फायर ब्रिगेड के 20 साल पुराने वाहन जनता व फायर सर्विस के जवानों की जान के साथ खिलवाड़
चंपावत जिले के लोहाघाट के अग्निशमन विभाग में आग बुझाने के लिए रखे गए अग्निशमन वाहन संख्या UA07 G 5450 व UA 07F 5204 को 20 साल पूरे होने के बावजूद अग्निशमन विभाग के द्वारा सड़कों में दौड़ाया जा रहा है जबकि नए नियमों के अनुसार 15 साल पुराने सरकारी वाहनों को सिलेंडर किया जाना है लेकिन विभाग के द्वारा नए नियमों की अनदेखी कर जनता व फायर सर्विस के जवानों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है एआरटीओ चंपावत सुरेंद्र कुमार ने बताया नई वाहन नीति के तहत 15 साल पुराना सरकारी वाहन सड़कों में नहीं चल सकता है जिसके लिए सभी विभागों को
15 साल पुराने वाहनो को जमा करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके है एआरटीओ ने कहा अग्निशमन विभाग के 20 साल पुराने वाहन का इस प्रकार से सड़क में दौड़ना काफी गंभीर मामला है अगर इन दोनों वाहनों से कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी आरटीओ ने कहा इस मामले को लेकर फायर ब्रिगेड विभाग को नोटिस भेजा जा रहा है वहीं एसपी चंपावत देवेंद्र पींचा ने कहा मामला उनके संज्ञान में आया है इस मामले को लेकर उच्चधिकारियों को सूचित किया जा रहा है जल्द नए अग्निशमन वाहन क्रय करने की मांग करी जा रही है
वहीं लोहाघाट के अग्निशमन अधिकारी चंदन राम आर्य ने बताया दोनों अग्निसमन वाहनों को लगभग 20 साल हो चुके हैं जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है समय पूरा होने के कारण वाहनों की फिटनेस व रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो पा रही है अग्निशमन अधिकारी ने बताया इन दोनों वाहनों के अतिरिक्त लोहाघाट में आग बुझाने के लिए कोई अन्य वाहन नहीं है आग बुझाने के लिए उन्हें दूर-दूर क्षेत्र में जाना पड़ता है जिस कारण मजबूरी में उन्हें इन दोनों पुराने वाहनों को चलाना पड़ रहा है एफएसओ ने कहा वाहनों की फिटनेस खत्म होने व समय अवधि पूरी होने की सूचना एसपी चंपावत व हेड क्वार्टर को दे दी गई है जल्द नए वाहन क्रय कर लिए जाएंगे
मालूम हो अग्नि दुर्घटना के समय फायर कर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए वाहन को काफी तेज गति से दौड़ना पड़ता है पर बिना फिटनेस के पुराने वाहनों के सड़कों में दौड़ने से कभी भी कोई भीषण दुर्घटना हो सकती है जिसमें फायर कर्मियों व लोगों की जान को खतरा हो सकता है संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए फायर कर्मियों की समस्या का समाधान करना चाहिए
चंपावत जिले के लोहाघाट के अग्निशमन विभाग में आग बुझाने के लिए रखे गए अग्निशमन वाहन संख्या UA07 G 5450 व UA 07F 5204 को 20 साल पूरे होने के बावजूद अग्निशमन विभाग के द्वारा सड़कों में दौड़ाया जा रहा है जबकि नए नियमों के अनुसार 15 साल पुराने सरकारी वाहनों को सिलेंडर किया जाना है लेकिन विभाग के द्वारा नए नियमों की अनदेखी कर जनता व फायर सर्विस के जवानों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है एआरटीओ चंपावत सुरेंद्र कुमार ने बताया नई वाहन नीति के तहत 15 साल पुराना सरकारी वाहन सड़कों में नहीं चल सकता है जिसके लिए सभी विभागों को
15 साल पुराने वाहनो को जमा करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके है एआरटीओ ने कहा अग्निशमन विभाग के 20 साल पुराने वाहन का इस प्रकार से सड़क में दौड़ना काफी गंभीर मामला है अगर इन दोनों वाहनों से कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी आरटीओ ने कहा इस मामले को लेकर फायर ब्रिगेड विभाग को नोटिस भेजा जा रहा है वहीं एसपी चंपावत देवेंद्र पींचा ने कहा मामला उनके संज्ञान में आया है इस मामले को लेकर उच्चधिकारियों को सूचित किया जा रहा है जल्द नए अग्निशमन वाहन क्रय करने की मांग करी जा रही है
वहीं लोहाघाट के अग्निशमन अधिकारी चंदन राम आर्य ने बताया दोनों अग्निसमन वाहनों को लगभग 20 साल हो चुके हैं जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है समय पूरा होने के कारण वाहनों की फिटनेस व रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो पा रही है अग्निशमन अधिकारी ने बताया इन दोनों वाहनों के अतिरिक्त लोहाघाट में आग बुझाने के लिए कोई अन्य वाहन नहीं है आग बुझाने के लिए उन्हें दूर-दूर क्षेत्र में जाना पड़ता है जिस कारण मजबूरी में उन्हें इन दोनों पुराने वाहनों को चलाना पड़ रहा है एफएसओ ने कहा वाहनों की फिटनेस खत्म होने व समय अवधि पूरी होने की सूचना एसपी चंपावत व हेड क्वार्टर को दे दी गई है जल्द नए वाहन क्रय कर लिए जाएंगे
मालूम हो अग्नि दुर्घटना के समय फायर कर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए वाहन को काफी तेज गति से दौड़ना पड़ता है पर बिना फिटनेस के पुराने वाहनों के सड़कों में दौड़ने से कभी भी कोई भीषण दुर्घटना हो सकती है जिसमें फायर कर्मियों व लोगों की जान को खतरा हो सकता है संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए फायर कर्मियों की समस्या का समाधान करना चाहिए