रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट :विभागीय लापरवाही के चलते 10 वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन के लिए भटक रही है मड़वा की 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला।
Laxman Singh Bisht
Tue, Aug 25, 2026
विभागीय लापरवाही के चलते 10 वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन के लिए भटक रही है मड़वा की 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला।
जन-जन की सरकार जन-जन के द्वारा को जनता मिलन में भी उठाई गई समस्या पर नहीं हुआ समाधान।
अधिकारियों ने गंभीरता से मामले का संज्ञान लिया होता तो कब के समस्या का समाधान हो चुका होता।

लोहाघाट आदर्श चंपावत जिले के लोहाघाट विधानसभा के नेपाल सीमा से लगे दूरस्थ मड़वा गांव की 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला झूपा देवी पिछले 10 वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन के लिए भटक रही है पर आज तक संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया। बुजुर्ग महिला के पोते प्रकाश बोहरा अपनी दादी की पेंशन लगाने के लिए विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाते लगाते थक चुके हैं पर सिर्फ आश्वासन दिया गया है। झूपा देवी के पोते प्रकाश बोहरा ने बताया। पूर्व में उनकी दादी झूपा देवी की वृद्धावस्था पेंशन रोसाल मिनी बैंक में आती थी पर 2016 में मिनी बैंक के बंद होने से उनकी वृद्धावस्था पेंशन आनी बंद हो गई। जिसकी सूचना उनके द्वारा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को कई बार दी गई। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर उनके द्वारा अपनी दादी का खाता लोहाघाट में ग्रामीण बैंक में खोला गया पर उसके बावजूद भी उनकी दादी की पेंशन नहीं लगाई गई। मामले में वह विभाग के कई चक्कर काट चुके हैं। प्रकाश बोरा ने बताया रोसाल में लगे जन जन की सरकार जन-जन के द्वार में भी उन्होंने इस समस्या को उठाया गया था जिसके पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने कहा वह मड़वा पोस्ट ऑफिस में अपनी दादी का खाता खोलें इसके बाद उनके द्वारा पोस्ट ऑफिस में दादी का खाता खोला गया पर उसके बावजूद भी अभी तक पेंशन नहीं आई है। उन्होंने बताया उसके बाद जनता मिलन कार्यक्रम चंपावत में जिलाधिकारी के सामने इस समस्या को रखा गया जिस पर जिलाधिकारी के द्वारा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियो को निर्देशित किया गया था पर जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद अभी तक उनकी दादी की वृद्धावस्था पेंशन नहीं लग पाई है। प्रकाश बोहरा ने बताया जब उनके द्वारा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा आश्वासन दिया गया था कि जल्द वृद्धावस्था पेंशन लगाई जाएगी और पिछले 10 वर्षों से रूके पैसे को भी दिया जाएगा। पर आज तक उनकी दादी की वृद्धावस्था पेंशन नहीं लग पाई। उन्होंने कहा अगर उनकी दादी को पिछले 10 वर्षों से रुका हुआ पैसा मिलेगा पर कब मिलेगा यह पता नही है उन्होंने कहा लोहाघाट व चंपावत में कार्यालयो के चक्कर काटते काटते उनका कई धन व समय बर्बाद हो चुका है। पर दादी की वृद्धावस्था पेंशन लगाने के लिए प्रकाश का संघर्ष से जारी है। कुल मिलाकर मामले में विभागीय अधिकारियों के लापरवाही साफ नजर आ रही है जहां पिछले 10 वर्षों से बुजुर्ग महिला अपना हक लेने के लिए दर-दर भटक रही है। अगर अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो बुजुर्ग महिला की पेंशन कब की लग चुकी होती। अब देखना मामले में प्रशासन क्या संज्ञान लेता है। क्योंकि समस्या के समाधान के लिए 10 वर्ष का समय अत्यधिक होता है।
विज्ञापन