रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:डीएम मनीष कुमार के संज्ञान लेने पर पाटन पाटनी में हुआ गैस वितरण, ग्रामीणों में खुशी की लहर
Laxman Singh Bisht
Thu, Apr 2, 2026
डीएम मनीष कुमार के संज्ञान लेने पर पाटन पाटनी में हुआ गैस वितरण, ग्रामीणों में खुशी की लहर

चम्पावत जनपद के अंतर्गत ग्राम पाटन क्षेत्र में लंबे समय से रसोई गैस की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। जैसे ही यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया, जिलाधिकारी चम्पावत ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में गैस सिलेंडरों का वितरण सुचारू रूप से शुरू हो गया। जानकारी के अनुसार पाटन क्षेत्र के कई स्थानों में पिछले कुछ समय से गैस आपूर्ति बाधित चल रही थी। इस समस्या के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को खाना बनाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी और अन्य पारंपरिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे न केवल समय की बर्बादी हो रही थी बल्कि स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।स्थानीय निवासी शशांक पाण्डे द्वारा कुछ दिन पूर्व इस गंभीर समस्या को जिलाधिकारी मनीष कुमार के समक्ष रखा गया। उन्होंने प्रशासन को अवगत कराया कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। मामले की गंभीरता को समझते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता का परिणाम यह रहा कि गैस एजेंसी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी गई। जैसे ही गैस सिलेंडर की गाड़ी पाटन क्षेत्र में पहुंची, ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी और राहत साफ देखने को मिली। लोगों ने इसे प्रशासन की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई से प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होता है। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट की भूमिका की भी प्रशंसा की और कहा कि उनके प्रयासों से ही यह समस्या इतनी जल्दी हल हो पाई।ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें दैनिक जीवन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और रसोई व्यवस्था फिर से सामान्य हो गई है। महिलाओं ने विशेष रूप से राहत की सांस लेते हुए कहा कि अब उन्हें धुएं और कठिनाइयों से निजात मिल गई है।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान समय पर संभव है। ग्रामीणों ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी प्रशासन इसी तरह उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए त्वरित समाधान करेगा।