Tuesday 19th of May 2026

ब्रेकिंग

18 मई 2026 के उत्तराखंड वित्त विभाग के आदेश* का पूरा मतलब ये है

चंपावत:लटकते बिजली तारों व जर्जर पोल की तुरंत दें सूचना हादसों को रोकने के लिए प्रशासन सतर्क: हेल्पलाइन नंबर जारी

टनकपुर चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग के अमरु बैंड मे नशे में धुत कार सवारों ने सामने से आ रही कार को मारी टक्कर।

लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में भीड़ ने तोड़े रिकार्ड 650 पार पहुंची ओपीडी।

दून:यह दशक उत्तराखंड का होगा”, विकास के विजन पर सरकार का फोकस : डा. आर राजेश कुमार

सूचना

कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:बातों-बातों में:सपने की बात और गूगल गुरु:

Laxman Singh Bisht

Mon, May 18, 2026

बातों-बातों में:सपने की बात और गूगल गुरु:

पिछले सप्ताह चंपावत जिले बाराकोट के सरकारी अस्पताल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई। बताया गया कि एक 12 वर्षीय बच्चे ने रात में यह सपना देखा कि उसे कुत्ते ने काट लिया है। सपना उसे इतना वास्तविक लगा कि जागने के बाद वह घबरा गया। उसने तुरंत मोबाइल उठाया और गूगल पर “कुत्ते के काटने पर क्या होता है?” तथा “रेबीज के लक्षण” जैसी जानकारियाँ खोज-खोजकर पढ़नी शुरू कर दीं। इंटरनेट पर मिली सूचनाओं ने उसके मन का डर और बढ़ा दिया। कुछ ही देर में वह रोने लगा, पेट दर्द की शिकायत करने लगा और घरवालों से बार-बार कहने लगा— “मुझे कुत्ते ने काट लिया है।” घबराए परिजन उसे तत्काल सरकारी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन उसके शरीर पर कहीं भी कुत्ते के काटने या किसी घाव का कोई निशान नहीं मिला। चिकित्सकों और वहाँ तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने बातचीत के बाद समझ लिया कि मामला केवल एक डरावने सपने और उसके बाद इंटरनेट से मिली जानकारी के मानसिक प्रभाव का है। बच्चे को खूब समझाया गया कि तुम्हें कुत्ते ने सपने में काट लिया लेकिन सपने सच नहीं होते। तुम्हें कुछ नहीं हुआ है। चिकित्सक ने बच्चे के घरवालों को भी बताया गया कि कई बार डर, भ्रम और चिंता के कारण शरीर वैसी ही प्रतिक्रिया देने लगता है, जैसी किसी वास्तविक घटना में होती है। चिकित्सकों ने एहतियात के तौर पर मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने की सलाह भी दी।खैर, यह घटना केवल एक बच्चे की नहीं, बल्कि आज के समय की एक बड़ी सामाजिक चुनौती की ओर संकेत करती है। आज बच्चे मोबाइल और इंटरनेट के बेहद करीब हैं। किसी भी सवाल का उत्तर तुरंत गूगल पर खोज लेना उनकी आदत बन चुकी है। नि:संदेह इंटरनेट ज्ञान का विशाल स्रोत है, लेकिन यह भी उतना ही सत्य है कि वहाँ उपलब्ध हर जानकारी हर व्यक्ति के लिए सही, पूरी और संतुलित नहीं होती। कई बार अधूरी या भय पैदा करने वाली सूचनाएँ मन में अनावश्यक आशंका भर देती हैं। बच्चों की मानसिक अवस्था अभी विकसित हो रही होती है। वे पढ़ी हुई बातों को जल्दी सच मान लेते हैं। यदि उन्हें किसी बीमारी, दुर्घटना या खतरे से जुड़ी जानकारी मिल जाए, तो वे स्वयं को उसी परिस्थिति में देखने लगते हैं। इसका असर उनके व्यवहार, सोच और स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। कई बार सामान्य सिरदर्द या हल्की परेशानी भी उन्हें किसी गंभीर बीमारी का संकेत लगने लगती है.।मोबाइल और इंटरनेट निश्चित रूप से उपयोगी साधन हैं। पढ़ाई में भी इसका महत्व है लेकिन बच्चों के लिए इनका प्रयोग निगरानी और मार्गदर्शन के साथ होना चाहिए। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग पर ध्यान दें, उनसे संवाद बनाए रखें और यह समझाएँ कि इंटरनेट पर लिखी हर बात अंतिम सत्य नहीं होती। स्कूलों में भी डिजिटल जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर नियमित चर्चा होनी चाहिए। यहतकनीक जितनी उपयोगी है, उतनी ही संवेदनशील भी। जानकारी यदि समझदारी से ग्रहण न की जाए तो वह ज्ञान कम और भय अधिक पैदा कर सकती है। इसलिए समय की आवश्यकता केवल बच्चों को मोबाइल चलाना सिखाने की नहीं, बल्कि सही और गलत जानकारी में अंतर समझाने की भी है।

■भगवत प्रसाद पाण्डेय

(लेखक बाल साहित्यकार और राजस्व विभाग से से.नि. अधिकारी)

जरूरी खबरें