Thursday 28th of May 2026

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बाराकोट:जीआईसी मऊ एवं रा0उ0प्रा विद्यालय सुतेड़ा में कुमाऊनी एवं गढ़वाली कक्षाओं का संचालन

लोहाघाट: रात 11:37 पर बजा सेलफोन पर मौसम का अलर्ट।

लोहाघाट:मीटर शिफ्टिंग कार्य के चलते 29 मई को स्टेशन बाजार क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था रहेगी बाधित।

बाजपुर:ऊपर असली नीचे चिल्ड्रन बैंक ऑफ़ इंडिया के नकली नोट दो शातिर गिरफ्तार

लोहाघाट :गंगनोला मे भारी ओलावृष्टि से फल व फसले हुई तबाह किसानों को बड़ा नुकसान।

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कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा लोहाघाट का नशा-मुक्त और सुव्यवस्थित होली रंग महोत्सव—शशांक पाण्डेय

Laxman Singh Bisht

Sun, Mar 1, 2026

राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा लोहाघाट का नशा-मुक्त और सुव्यवस्थित होली रंग महोत्सव—शशांक पाण्डेयउत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं में होली रंगों के त्योहार के साथ ही संगीत, भक्ति, सामूहिकता और सांस्कृतिक चेतना का उत्सव है। इसी परंपरा को जीवंत रूप देने वाला होली रंग महोत्सव लोहाघाट इस वर्ष भी अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव बनकर सामने आया।जब रामलीला मैदान में खड़ी होली की मधुर धुनें गूँजीं, तो वातावरण में एक अलग ही आध्यात्मिक आभा फैल गई। शास्त्र आधारित होली गीतों की लय और ताल ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पीढ़ियों से संजोई गई सांस्कृतिक विरासत स्वयं मंच पर आकर जीवंत हो उठी हो। हर प्रस्तुति में समर्पण, साधना और सांस्कृतिक गर्व स्पष्ट झलक रहा था।इस वर्ष महोत्सव की विशेषता यह रही कि इसकी गूंज केवल लोहाघाट तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया, स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से कार्यक्रम की वीडियो और तस्वीरें दूर-दूर तक पहुँचीं और देश के प्रमुख समाचार माध्यमों की सुर्खियाँ बनीं। इससे न केवल महोत्सव की लोकप्रियता बढ़ी, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त मंच मिला। छोटे से पर्वतीय नगर की यह सांस्कृतिक झंकार पूरे देश में सुनाई देना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है।महिलाओं की होली ने इस बार विशेष रूप से सबका ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित महिलाओं ने जब सामूहिक रूप से स्वर मिलाया, तो वातावरण श्रद्धा, उल्लास और आत्मीयता से भर उठा। उनकी प्रस्तुति केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि यह संदेश भी थी कि हमारी लोक परंपराएँ घर-घर में जीवित हैं और नई पीढ़ी उन्हें पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रही है। महिलाओं की सशक्त और सधी हुई प्रस्तुतियों ने महोत्सव को नई ऊँचाई प्रदान की।प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान की। उनके आगमन से यह स्पष्ट संदेश गया कि राज्य सरकार लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने न केवल कलाकारों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि पूरे आयोजन को राज्य स्तरीय पहचान भी दिलाई।इस महोत्सव का सबसे प्रेरणादायक पहलू इसका पूर्णतः नशा-मुक्त और अनुशासित स्वरूप रहा। जहाँ आज के समय में बड़े आयोजनों में अव्यवस्था और असंयम की घटनाएँ देखने को मिलती हैं, वहीं लोहाघाट का यह आयोजन सामाजिक मर्यादा और संयम का आदर्श उदाहरण बना। दर्शकों और प्रतिभागियों ने जिस शालीनता और अनुशासन का परिचय दिया, वह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। यह सिद्ध करता है कि सांस्कृतिक कार्यक्रम तभी सफल होते हैं जब उनमें संयम और संस्कार का समावेश हो।होली की टीम की एक जैसी स्वच्छ, सुंदर और पारंपरिक पोशाकें आयोजन की गरिमा को और बढ़ा रही थीं। मंच पर उपस्थित प्रत्येक कलाकार एकता और अनुशासन का प्रतीक प्रतीत हो रहा था। गानों की लय, स्वर की सटीकता और ताल का सामंजस्य इतना प्रभावशाली था कि हर प्रस्तुति दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ रही थी। यह स्पष्ट दिख रहा था कि कलाकारों ने लंबे समय तक अभ्यास और तैयारी की है।अलग-अलग गाँवों की होली एक ही मंच पर देखने का अवसर इस महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता रही। इससे न केवल विविध सांस्कृतिक शैलियों का परिचय मिला, बल्कि क्षेत्रीय एकता और सामूहिकता की भावना भी मजबूत हुई। विविधता के इस सुंदर संगम ने यह संदेश दिया कि भले ही गाँव अलग हों, पर संस्कृति की धड़कन एक है।इस विराट आयोजन की सफलता के पीछे अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता और उनकी समर्पित टीम का अथक परिश्रम निहित है। उनकी दूरदर्शिता, संगठन क्षमता और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता ने इस महोत्सव को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। मंच की व्यवस्था से लेकर अतिथियों के स्वागत, सुरक्षा, अनुशासन और कार्यक्रम के सुचारु संचालन तक हर व्यवस्था सुव्यवस्थित और सराहनीय रही।यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि होली रंग महोत्सव लोहाघाट इस वर्ष केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता, नशा-मुक्ति का संदेश, महिला सहभागिता, युवा ऊर्जा और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण का व्यापक अभियान बन गया। इसने यह सिद्ध किया कि जब समाज एकजुट होकर अपनी संस्कृति को संजोने का संकल्प लेता है, तो सफलता और सम्मान स्वयं उसके द्वार पर आ खड़े होते हैं।आने वाले वर्षों में भी यह महोत्सव इसी भव्यता, अनुशासन और सांस्कृतिक समर्पण के साथ आगे बढ़ता रहे, यही सभी की शुभकामना है। लोहाघाट की यह सांस्कृतिक गाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती रहेगी और हमारी लोकधरोहर को नई ऊर्जा प्रदान करती रहेगी।

(लेखक लोहाघाट निवासी एवं समसामयिक मुद्दों पर नियमित लिखते है)

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