रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:चेतोला मेले के हजारों लोग बने साक्षी ढोल नगाड़ों की धमक के साथ निकला चमू देवता का डोला।
Laxman Singh Bisht
Sat, Mar 28, 2026
चेतोला मेले के हजारों लोग बने साक्षी ढोल नगाड़ों की धमक के साथ निकला चमू देवता का डोला।
चमू देवता को चढ़ाया गया चावल से बने विशेष पापड़ों का प्रसाद।
ढोल नगाड़ों के साथ बारह गांव के जत्थों ने की मंदिर की परिक्रमा।

चमू देवता के जयकारों से गूंजा गुंमदेश। बकासुर वध की खुशी में मनाया जाता है चेतोला

लोहाघाट ब्लॉक के नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र में आज शनिवार दशमी पर्व के अवसर पर प्रदेश व जिले के प्रसिद्ध चेतोला मेले का आयोजन किया गया। मेले में 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं ने मेले का आनंद लेते हुए चमू देवता का आशीर्वाद लिया। सुबह से ही चमू देवता के चमदेवल स्थित मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रही मुख्य पुरोहित पंडित शंकर दत्त पांडे के द्वारा पूजा अर्चना संपन्न की गई। 12 गांव के जत्थों ने लाठी डंडों के साथ वीरों की वेशभूषा में चमू देवता मंदिर की ढोल नगाड़ों के साथ परिक्रमा की ।

दोपहर बाद मड़ गांव से चमू देवता के धामी राहुल सिंह धामी देव रथ में सवार हुए। ढोल नगाड़ों की धमक के साथ भक्तों ने चमू देवता के जयकारों के साथ रस्सों के सहारे उबड़ा खाबड़ पथरीले रास्तों से जमानी गढ़, चौपता होते हुए चमू देवता के रथ को चमू देवता मंदिर तक पहुंचाया गया। देव रथ ने मंदिर की परिक्रमा की। इस दौरान हजारों की संख्या में आए भक्तों ने चमू देवता का आशीर्वाद लिया।

मंदिर की परिक्रमा के साथ ही रथ यात्रा का समापन किया गया। सुरक्षा के लिए कोतवाल पंचेश्वर के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। क्षेत्र के पंडित शंकर दत्त पांडे , हरिश्चंद्र कलोनी व पंडित मदन कलोनी ने बताया अपने अज्ञातवास के दौरान पांडव इस क्षेत्र में आए थे। कहा तब यहां बकासुर नाम के दैत्य का काफी आतंक था जो बारी बारी से प्रत्येक घर से रोज एक व्यक्ति को खा जाया करता था।

उन्होंने बताया गांव की बुजुर्ग महिला कोकिला देवी का एक ही पोता था जब कोकिला देवी के पोते को बकासुर दैत्य के पास भेजने का समय आया तो कोकिला देवी ने चमू देवता से अपने पोते को बचाने की गुहार लगाई, बुजुर्ग महिला की पुकार पर चमू देवता ने अपने चार वीरों के साथ बकासुर के साथ युद्ध किया जो पूरे चैत के महीने चला। अंत में चमू देवता ने बकासुर दैत्य का वध कर पूरे क्षेत्र को बकासुर के आतंक से निजात दिलाई। तब से गुंमदेश क्षेत्र में चैत्र नवरात्रि पर चैतोला मेले का आयोजन किया जाता है।

इस मेले में शामिल होने के लिए इस क्षेत्र के प्रवासी देश विदेश से यहां पहुंचते हैं। चमू देवता को चावल से बने विशेष पापड़ों का प्रसाद चढ़ाया जाता है। उन्होंने बताया मेले में अतिथि सत्कार की परंपरा निभाई जाती है हर घर में बाहर से आने वाले अतिथियों को भोजन कराया जाता है किसी को खाली पेट नहीं भेजा जाता है। मेला कमेटी अध्यक्ष खशाल सिंह धोनी ने मेले के सकुशल संपन्न होने पर समस्त सहयोगियों ,क्षेत्रीय जनता को प्रशासन को धन्यवाद दिया ।

उन्होंने बताया कल पसेरा व्यापारिक मेले के आयोजन के साथ ही मेले का समापन किया जाएगा। मेले में दूर-दूर क्षेत्र से पहुंचे व्यापारियों के द्वारा अपनी दुकानें सजाई गई हैं। मेले का आनंद लेने के लिए पूर्व भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत ,कांग्रेस जिला अध्यक्ष चिराग फर्त्याल सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

इस दौरान शंकर दत्त पांडे, जोगा सिंह धोनी ,तारा सिंह धोनी ,लक्ष्मण सिंह,कोषाध्यक्ष राजू धोनी ,सचिव महेंद्र प्रताप धोनी ,उपाध्यक्ष युगल किशोर धोनी, मानसिंह ,पंडित मदन कलोनी, ओमकार धोनी, जोगा सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।






