: लोहाघाट:डुगराबोरा क्षेत्र में बिगड़े हालात खाद्यान्न की हुई कमी 6 दिन से नहीं खुल पाई सड़क नहीं मिली प्रशासनिक मदद ग्रामीणों में आक्रोश,
Laxman Singh Bisht
Wed, Sep 18, 2024
डुगराबोरा क्षेत्र में बिगड़े हालात खाद्यान्न की हुई कमी 6 दिन से नहीं खुल पाई सड़क नहीं मिली प्रशासनिक मदद ग्रामीणों में आक्रोश
लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत डूंगरा बोरा क्षेत्र में आपदा ने भारी तबाही मचाई है आपदा से सड़क जगह-जगह बह चुकी है 6 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक संबंधित विभाग के द्वारा सड़क को खोलने की दिशा में कोई भी प्रयास नहीं किया गया विभाग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि यह सड़क किसके अधीन आती है वही डूंगरा बोरा के क्षेत्र पंचायत सदस्य दशरथ सिंह ,ग्राम प्रधान गंगा देवी व अन्य ग्रामीणों ने बताया सड़क बंद होने से क्षेत्र में खाद्यान्न व दवाओ अकाल होने लगा है जीआईसी थल (मड़वा) व डुंगरा बोरा हाईस्कूल में शिक्षकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है उन्होंने बताया सड़क बंद होने से सीमांत क्षेत्र के कायल तक की जनता प्रभावित हो चुकी है लोग राशन लाने को जान हथेली में रखकर आवाजाही कर रहे हैं
पर अभी तक विभाग के द्वारा सड़क खोलने की दिशा में कोई भी प्रयास नहीं किया गया गांव में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ रहा है आपदा से ग्रामीणों के खेत खलिहान बह गए हैं भवन खतरे की जद में आ चुके हैं उन्होंने प्रशासन से डुंगराबोरा क्षेत्र की सुध लेने की मांग की है उन्होंने कहा अभी तक सड़क न खुलने व मदद न मिलने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी आक्रोश है उन्होंने बताया खाद्य सामग्री लेने के लिए ग्रामीणों को 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रोसाल जाना पड़ रहा है ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क खोलने और नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है वही पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता वैभव गुप्ता ने बताया आपदा बड़ी है और मशीनों की संख्या कम है
उन्होंने कहा कल गुरुवार को मड़वाबोरा की सड़क खोलने के लिए मशीन लगाने के प्रयास किए जाएंगे वहीं लोहाघाट क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र पुनेठा उर्फ राजू भैया ने बताया मात्र दो मशीने क्षेत्र की सड़कों को खोलने के लिए लगाई गई उन्होंने प्रशासन से मशीनों की संख्या बढ़कर जल्द सड़के खोलने व लोगों को राहत देने की मांग की है उन्होंने बताया सड़के बंद होने से सीमांत के हालात बेकाबू हो रहे हैं लोग मरीजों को उपचार के लिए डोली में लाने को मजबूर हैं तथा क्षेत्र में आपदा से भारी नुकसान हुआ है उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इस क्षेत्र में राहत टीम भेजने की मांग की है
लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत डूंगरा बोरा क्षेत्र में आपदा ने भारी तबाही मचाई है आपदा से सड़क जगह-जगह बह चुकी है 6 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक संबंधित विभाग के द्वारा सड़क को खोलने की दिशा में कोई भी प्रयास नहीं किया गया विभाग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि यह सड़क किसके अधीन आती है वही डूंगरा बोरा के क्षेत्र पंचायत सदस्य दशरथ सिंह ,ग्राम प्रधान गंगा देवी व अन्य ग्रामीणों ने बताया सड़क बंद होने से क्षेत्र में खाद्यान्न व दवाओ अकाल होने लगा है जीआईसी थल (मड़वा) व डुंगरा बोरा हाईस्कूल में शिक्षकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है उन्होंने बताया सड़क बंद होने से सीमांत क्षेत्र के कायल तक की जनता प्रभावित हो चुकी है लोग राशन लाने को जान हथेली में रखकर आवाजाही कर रहे हैं
पर अभी तक विभाग के द्वारा सड़क खोलने की दिशा में कोई भी प्रयास नहीं किया गया गांव में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ रहा है आपदा से ग्रामीणों के खेत खलिहान बह गए हैं भवन खतरे की जद में आ चुके हैं उन्होंने प्रशासन से डुंगराबोरा क्षेत्र की सुध लेने की मांग की है उन्होंने कहा अभी तक सड़क न खुलने व मदद न मिलने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी आक्रोश है उन्होंने बताया खाद्य सामग्री लेने के लिए ग्रामीणों को 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रोसाल जाना पड़ रहा है ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क खोलने और नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है वही पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता वैभव गुप्ता ने बताया आपदा बड़ी है और मशीनों की संख्या कम है
उन्होंने कहा कल गुरुवार को मड़वाबोरा की सड़क खोलने के लिए मशीन लगाने के प्रयास किए जाएंगे वहीं लोहाघाट क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र पुनेठा उर्फ राजू भैया ने बताया मात्र दो मशीने क्षेत्र की सड़कों को खोलने के लिए लगाई गई उन्होंने प्रशासन से मशीनों की संख्या बढ़कर जल्द सड़के खोलने व लोगों को राहत देने की मांग की है उन्होंने बताया सड़के बंद होने से सीमांत के हालात बेकाबू हो रहे हैं लोग मरीजों को उपचार के लिए डोली में लाने को मजबूर हैं तथा क्षेत्र में आपदा से भारी नुकसान हुआ है उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इस क्षेत्र में राहत टीम भेजने की मांग की है