Wednesday 4th of March 2026

ब्रेकिंग

लोहाघाट:पड़ासो सेरा सड़क में डामरीकरण की मुख्यमंत्री की घोषणा के लिए ग्रामीणों ने जताया आभार

रुद्रपुर:अनैतिक देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़। दो महिला सहित चार गिरफ्तार।

मुनस्यारी:सामुदायिक पुस्तकालय युवाओं के लिए बन रहे वरदान तीन विद्यार्थी बने पुलिस कांस्टेबल

चंपावत:राज्य स्तर पर इंस्पायर अवार्ड के जीआईसी सुई कीछात्रा चंद्रा चौबे का चयन

लोहाघाट:होली के रंगों के साथ आँखों की सुरक्षा भी जरूरी: डा 0विराज राठी

: लोहाघाट:शिक्षा विभाग के तुगलकी फरमान से सीमांत राजकीय प्राथमिक विद्यालय दसलेख के 48 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में

Laxman Singh Bisht

Tue, Aug 1, 2023
  चंपावत के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) अशोक कुमार गोसाई रिटायर होते होते नेपाल सीमा से लगे डुगरा बोरा ग्राम सभा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय दसलेख के 48 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका गए 31 जुलाय को रिटायर होने से पहले गोसाई ने 21 जुलाई को मुख्य शिक्षा अधिकारी चंपावत के अनुमोदन पर एक आदेश जारी कर दसलेख प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक दिनेश सिंह रावत को राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनलेख में कार्योंजित करने का आदेश जारी किया तथा शिक्षक का वेतन दसलेख विद्यालय से ही देने के आदेश दिए गए तथा इस आदेश को जनहित का नाम दिया गया है शिक्षक दिनेश रावत के जाने से अब विद्यालय के 48 छात्र छात्राओं को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षक रह गया है शिक्षा विभाग के इस तुगलकी फरमान से क्षेत्र के ग्रामीणों में शिक्षा विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है वही डुगराबोरा की ग्राम प्रधान गंगा देवी वह प्रधान प्रतिनिधि महेंद्र सिंह बोरा ने जानकारी देते हुए बताया शिक्षा विभाग के द्वारा उनके सीमांत क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है उन्होंने कहा उनके क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के 48 बच्चों को सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे छोड़ दिया गया है तथा दूसरे शिक्षक को तनखा हमारे स्कूल से मिलेगी और वह पढ़ाएंगे दूसरे स्कूल में यह शिक्षा विभाग का तुगलकी फरमान है उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा जिला शिक्षा अधिकारी ने एक जिला स्तरीय अधिकारी के दबाव में यह आदेश जारी किया है क्योंकि वह जिला स्तरीय अधिकारी शिक्षक दिनेश सिंह रावत का परिचित हैं उन्होंने कहा जो शिक्षक विद्यालय में मौजूद है उनके पास एनसीआरसी का भी चार्ज है जिस कारण विद्यालय में समय नहीं दे पा रहे हैं जिस कारण क्षेत्र के 48 नौनिहालों का भविष्य अधर में लटक गया है वहीं क्षेत्र के ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा अगर विद्यालय के शिक्षक को विद्यालय में वापस नहीं लाया गया तो पूरे क्षेत्र के ग्रामीण मुख्यमंत्री को ज्ञापन देते हुए अपने बच्चों को स्कूल भेजना छोड़ देंगे तथा डीएम कार्यालय में धरना देंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के जिले के शिक्षा अधिकारी ही छात्र छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं जिनके कंधों पर  नौनिहालों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी होती है आक्रोश जताने में क्षेत्र पंचायत सदस्य दशरथ सिंह बोरा ,सुरेश सिंह ,लक्ष्मी देवी, गीता देवी ,एसएमसी अध्यक्ष सुरेश सिंह सहित कई ग्रामीण शामिल रहे

जरूरी खबरें