: लोहाघाट:तबाही की बारिश ने सुल्ला में मचाई तबाही ग्रामीणों के बहे खेत खलिहान ग्राम प्रधान ने आठ परिवारों को सुरक्षित स्थानों में किया शिफ्ट मदद को आगे आए ग्रामीण
Laxman Singh Bisht
Fri, Sep 13, 2024
तबाही की बारिश ने सुल्ला में मचाई तबाही ग्रामीणों के बहे खेत खलिहान ग्राम प्रधान ने आठ परिवारों को सुरक्षित स्थानों में किया शिफ्ट मदद को आगे आए ग्रामीण
लगातार हो रही तबाही की बारिश ने लोहाघाट के सीमांत सुल्ला क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी है ग्राम प्रधान प्रतिनिधि त्रिलोक सिंह ने बताया शुक्रवार को हुई तबाही की बारिश ने गांव में भारी तबाही मचाई है ग्रामीणों के खेत धान की फसल सहित बह गए हैं तथा कई भवन खतरे की जद में आ चुके हैं त्रिलोक सिंह ने बताया गांव की सड़क कई जगह से बह गई है जिस कारण अभी तक प्रशासनिक मदद नहीं पहुंच पाई है उन्होंने बताया खतरे की जद में आए परिवारों को मवेशियों सहित ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित स्थानों में रखा गया है तथा ग्रामीणों को भी सतर्क रहने को कहा गया है त्रिलोक सिंह ने बताया अब ग्रामीणों को जल्द प्रशासनिक मदद की जरूरत है तबाही की बारिश से ग्रामीणों को अत्यधिक नुकसान पहुंच चुका है उन्होंने बताया पाशम क्षेत्र में भी एक भवन ढहने से मवेशियों की मौत हो गई गनीमत रही परिजनों ने दूसरे के भवन में शरण ली हुई थी अन्यथा हादसा जानलेवा हो सकता था मालूम हो कुछ वर्ष पूर्व सुल्ला में आई आपदा से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो चुकी है वही गांव के ग्रामीण आपदा पीड़ितों की मदद को आगे आए हैं प्रशासन भी जल्द से जल्द आपदा पीड़ितों के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा है लेकिन प्रशासन की राहों में बंद सड़क सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है क्योंकि क्षेत्र की सड़के बुरी तरह बह चुकी है
लगातार हो रही तबाही की बारिश ने लोहाघाट के सीमांत सुल्ला क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी है ग्राम प्रधान प्रतिनिधि त्रिलोक सिंह ने बताया शुक्रवार को हुई तबाही की बारिश ने गांव में भारी तबाही मचाई है ग्रामीणों के खेत धान की फसल सहित बह गए हैं तथा कई भवन खतरे की जद में आ चुके हैं त्रिलोक सिंह ने बताया गांव की सड़क कई जगह से बह गई है जिस कारण अभी तक प्रशासनिक मदद नहीं पहुंच पाई है उन्होंने बताया खतरे की जद में आए परिवारों को मवेशियों सहित ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित स्थानों में रखा गया है तथा ग्रामीणों को भी सतर्क रहने को कहा गया है त्रिलोक सिंह ने बताया अब ग्रामीणों को जल्द प्रशासनिक मदद की जरूरत है तबाही की बारिश से ग्रामीणों को अत्यधिक नुकसान पहुंच चुका है उन्होंने बताया पाशम क्षेत्र में भी एक भवन ढहने से मवेशियों की मौत हो गई गनीमत रही परिजनों ने दूसरे के भवन में शरण ली हुई थी अन्यथा हादसा जानलेवा हो सकता था मालूम हो कुछ वर्ष पूर्व सुल्ला में आई आपदा से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो चुकी है वही गांव के ग्रामीण आपदा पीड़ितों की मदद को आगे आए हैं प्रशासन भी जल्द से जल्द आपदा पीड़ितों के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा है लेकिन प्रशासन की राहों में बंद सड़क सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है क्योंकि क्षेत्र की सड़के बुरी तरह बह चुकी है