: लोहाघाट:स्वच्छता में लोहाघाट नगर पालिका प्रदेश में रही 17 वे स्थान पर चंपावत पालिका ने मारा आठवां स्थान
स्वच्छता में लोहाघाट नगर पालिका प्रदेश में रही 17 वे स्थान पर चंपावत पालिका ने मारा आठवां स्थान
नगरीय क्षेत्रों की सफाई के मामले में चंपावत व लोहाघाट नगर पालिका की छवि में पहले की अपेक्षा सुधार आया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में चंपावत ने प्रदेश में आठवां व लोहाघाट ने 17वां स्थान प्राप्त किया है। देश के उत्तरी परिक्षेत्र में चंपावत ने 233 व लोहाघाट ने 308वां स्थान पाया है। राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में चंपावत को 2144 व लोहाघाट को 2637वां स्थान मिला है।
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने गुरुवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणाम जारी कर दिए। चंपावत जिले के चार निकायों में सबसे बेहतर स्थिति चंपावत नगर पालिका में मिली है। 2022 में प्रदेश में 45वां व जोनल स्तर पर 406वां स्थान पाने वाले चंपावत ने इस बार प्रदेश में आठवां व जोनल स्तर पर 233वां स्थान पाया है। मैदानी क्षेत्र में आने वाले टनकपुर नगर पालिका व बनबसा नगर पंचायत में सफाई की स्थिति चिंताजनक है। टनकपुर ने प्रदेश में 68वां व नोडल स्तर पर 279वां स्थान प्राप्त किया है। बनबसा की प्रदेश में स्थिति थोड़ी बेहतर (48वां स्थान) है, लेकिन जोनल स्तर पर 390वें पायदान है। राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो टनकपुर से बनबसा की स्थिति थोड़ी बेहतर है।
चंपावत की पालिकाओं का सफाई में विभिन्न स्तर पर स्थान
पालिका का नाम प्रदेश - नार्थ जोन - राष्ट्रीय
नगरपालिका चंपावत 08 - 233 - 2144
नगरपालिका लोहाघाट 17 - 308 - 2637
नगरपालिका टनकपुर 68 - 279 - 3759
नगर पंचायत बनबसा 48 - 390 - 3513
बता दें कि चंपावत जिले के चारों निकायों में कूड़े को सोर्स पर ही अलग करने और निकाय क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े को वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण करने के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग देने के लिए कूड़ादान भले दिए गए हैं, लेकिन नगरवासी कूड़ा एक साथ डाल रहे हैं। रिसाइक्लिंग प्लांट नहीं होने से कूड़े का विधिवत निस्तारण भी नहीं हो रहा। पालिकाओं को कूड़ा पृथक्करण के लिए जागरूकता बढ़ाने व रिसाइक्लिंग के लिए खुद के प्रयास बढ़ाने की जरूरत है। चारों निकायों को कूड़ा पृथक्करण में सर्वाधिक 27 प्रतिशत अंक टनकपुर से जुटाए हैं। कूड़ा प्रसंस्करण में टनकपुर की स्थिति सर्वाधिक चिंताजनक है। नगर पालिका टनकपुर व नगर पंचायत बनबसा को सार्वजनिक शौचालय में 75 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसका मतलब सार्वजनिक शौचालय की सफाई अच्छी है, इस सर्वश्रेष्ठ बनाने की जरूरत है। टनकपुर पालिका आवासीय व बाजार क्षेत्र की शतप्रतिशत सफाई नहीं कर पा रही है।स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम सामने आने के बाद चंपावत नगरपालिका के निवर्तमान अध्यक्ष विजय वर्मा ने कहा कि नगरवासियों की भागीदारी व कर्मचारियों के सहयोग की बदौलत चंपावत की सफाई का स्तर सुधरा है। जनजागरूकता से कूड़ा पृथक्करण की स्थिति सुधरेगी। कंपोस्ट प्लांट व रिसाइक्लिंग के लिए मेरे कार्यकाल में जरूरी कदम उठाए गए। आने वाले वर्षों में इसके परिणाम दिखेंगे।वहीं लोहाघाट के निवर्तमान पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा ने कहा कि सफाई के क्षेत्र में लोहाघाट नगर पालिका के कर्मचारियों ने अच्छा काम किया है। पिछले वर्षों की अपेक्षा सफाई का स्तर सुधरा है। गीला व सूखा कूड़ा एक साथ देना अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। जनजागरूकता से आने वाले वर्षों में इस दिशा में भी बदलाव दिखेगा। तथा स्वच्छता अभियान में लोहाघाट नगर के लोगों ने भी बढ़-कर कर भागीदारी करी
नगरीय क्षेत्रों की सफाई के मामले में चंपावत व लोहाघाट नगर पालिका की छवि में पहले की अपेक्षा सुधार आया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में चंपावत ने प्रदेश में आठवां व लोहाघाट ने 17वां स्थान प्राप्त किया है। देश के उत्तरी परिक्षेत्र में चंपावत ने 233 व लोहाघाट ने 308वां स्थान पाया है। राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में चंपावत को 2144 व लोहाघाट को 2637वां स्थान मिला है।
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने गुरुवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणाम जारी कर दिए। चंपावत जिले के चार निकायों में सबसे बेहतर स्थिति चंपावत नगर पालिका में मिली है। 2022 में प्रदेश में 45वां व जोनल स्तर पर 406वां स्थान पाने वाले चंपावत ने इस बार प्रदेश में आठवां व जोनल स्तर पर 233वां स्थान पाया है। मैदानी क्षेत्र में आने वाले टनकपुर नगर पालिका व बनबसा नगर पंचायत में सफाई की स्थिति चिंताजनक है। टनकपुर ने प्रदेश में 68वां व नोडल स्तर पर 279वां स्थान प्राप्त किया है। बनबसा की प्रदेश में स्थिति थोड़ी बेहतर (48वां स्थान) है, लेकिन जोनल स्तर पर 390वें पायदान है। राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो टनकपुर से बनबसा की स्थिति थोड़ी बेहतर है।
चंपावत की पालिकाओं का सफाई में विभिन्न स्तर पर स्थान
पालिका का नाम प्रदेश - नार्थ जोन - राष्ट्रीय
नगरपालिका चंपावत 08 - 233 - 2144
नगरपालिका लोहाघाट 17 - 308 - 2637
नगरपालिका टनकपुर 68 - 279 - 3759
नगर पंचायत बनबसा 48 - 390 - 3513
बता दें कि चंपावत जिले के चारों निकायों में कूड़े को सोर्स पर ही अलग करने और निकाय क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े को वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण करने के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग देने के लिए कूड़ादान भले दिए गए हैं, लेकिन नगरवासी कूड़ा एक साथ डाल रहे हैं। रिसाइक्लिंग प्लांट नहीं होने से कूड़े का विधिवत निस्तारण भी नहीं हो रहा। पालिकाओं को कूड़ा पृथक्करण के लिए जागरूकता बढ़ाने व रिसाइक्लिंग के लिए खुद के प्रयास बढ़ाने की जरूरत है। चारों निकायों को कूड़ा पृथक्करण में सर्वाधिक 27 प्रतिशत अंक टनकपुर से जुटाए हैं। कूड़ा प्रसंस्करण में टनकपुर की स्थिति सर्वाधिक चिंताजनक है। नगर पालिका टनकपुर व नगर पंचायत बनबसा को सार्वजनिक शौचालय में 75 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसका मतलब सार्वजनिक शौचालय की सफाई अच्छी है, इस सर्वश्रेष्ठ बनाने की जरूरत है। टनकपुर पालिका आवासीय व बाजार क्षेत्र की शतप्रतिशत सफाई नहीं कर पा रही है।स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम सामने आने के बाद चंपावत नगरपालिका के निवर्तमान अध्यक्ष विजय वर्मा ने कहा कि नगरवासियों की भागीदारी व कर्मचारियों के सहयोग की बदौलत चंपावत की सफाई का स्तर सुधरा है। जनजागरूकता से कूड़ा पृथक्करण की स्थिति सुधरेगी। कंपोस्ट प्लांट व रिसाइक्लिंग के लिए मेरे कार्यकाल में जरूरी कदम उठाए गए। आने वाले वर्षों में इसके परिणाम दिखेंगे।वहीं लोहाघाट के निवर्तमान पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा ने कहा कि सफाई के क्षेत्र में लोहाघाट नगर पालिका के कर्मचारियों ने अच्छा काम किया है। पिछले वर्षों की अपेक्षा सफाई का स्तर सुधरा है। गीला व सूखा कूड़ा एक साथ देना अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। जनजागरूकता से आने वाले वर्षों में इस दिशा में भी बदलाव दिखेगा। तथा स्वच्छता अभियान में लोहाघाट नगर के लोगों ने भी बढ़-कर कर भागीदारी करी