रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:मेरा विद्यालय–मेरी जमीन’ अभियान से विद्यालयों को मिलेगा भूमि का वैधानिक अधिकार
‘मेरा विद्यालय–मेरी जमीन’ अभियान से विद्यालयों को मिलेगा भूमि का वैधानिक अधिकार
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कैडाइजर के नाम 0.060 हेक्टेयर भूमि के निःशुल्क हस्तांतरण/नामांतरण की स्वीकृति
विद्यालयों की भूमि को कानूनी सुरक्षा देने की दिशा में प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल
‘मेरा विद्यालय–मेरी जमीन’ अभियान के तहत जनपद चम्पावत में राजकीय विद्यालयों की भूमि को वैधानिक रूप से विद्यालयी शिक्षा विभाग के नाम दर्ज किए जाने की कार्रवाई निरंतर की जा रही है। अभियान का उद्देश्य विद्यालयों की भूमि को स्पष्ट अभिलेखीय पहचान एवं कानूनी सुरक्षा प्रदान करना तथा भविष्य में भूमि संबंधी विवादों की संभावनाओं को समाप्त करना है।जिलाधिकारी मनीष कुमार के मार्गदर्शन में तहसील पाटी क्षेत्र में विद्यालयों की भूमि के अभिलेखीय परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उप जिलाधिकारी पाटी द्वारा प्रस्तुत आख्या एवं संस्तुति के आधार पर शासन द्वारा ग्राम तोलारैकुड़ी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय कैडाइजर परिसर के लिए कुल 0.060 हेक्टेयर भूमि के निःशुल्क हस्तांतरण/नामांतरण की स्वीकृति प्रदान की गई है।स्वीकृत भूमि में खाता संख्या 40 के अंतर्गत खसरा संख्या 2067 में 0.045 हेक्टेयर तथा खसरा संख्या 2069 में 0.015 हेक्टेयर, कुल 0.060 हेक्टेयर भूमि सम्मिलित है। उक्त भूमि को विद्यालय परिसर के प्रयोजन हेतु ‘विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन’ के नाम हस्तांतरित/नामांतरित किया जाएगा।‘मेरा विद्यालय–मेरी जमीन’ अभियान के माध्यम से सरकारी विद्यालयों की भूमि का राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट एवं विधिवत अंकन सुनिश्चित होने से विद्यालय परिसरों को स्थायी कानूनी सुरक्षा मिलेगी। साथ ही विद्यालयों की भूमि का रिकॉर्ड व्यवस्थित एवं अद्यतन होने से भविष्य में विकास एवं अवस्थापना संबंधी कार्यों के लिए भी भूमि की स्थिति स्पष्ट रहेगी।भूमि हस्तांतरण निर्धारित शासना देशों एवं शर्तों के अधीन किया गया है। भूमि का उपयोग केवल स्वीकृत विद्यालयी प्रयोजन के लिए किया जाएगा तथा शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों एवं संबंधित विभागों की आवश्यक स्वीकृतियों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।जिला प्रशासन द्वारा अभियान के तहत अन्य ऐसे राजकीय विद्यालयों की भूमि के अभिलेखीय परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि सरकारी विद्यालयों की भूमि को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विधिक रूप से संरक्षित किया जा सके।
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