: नई वाहन नीति के तहत चंपावत जिले के कई विभाग व अधिकारी हुए वाहन विहीन, विकास कार्य में पढ़ने लगा असर
Laxman Singh Bisht
Fri, Apr 21, 2023
केंद्र सरकार के निर्देश पर 1 अप्रैल से लागू हुई नई वाहन नीति की गाज चंपावत जिले के कई विभागों में पड़ी है नई वाहन नीति के तहत जिले के सरकारी विभागों में 15 साल पूरे कर चुके डीजल वाहनों को हटा दिया गया है जिस कारण चंपावत जिले के कई विभाग व अधिकारी वाहन विहीन हो गए हैं चंपावत जिले के एआरटीओ सुरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि नई वाहन नीति के तहत 15 साल पूरे कर चुके जिले के सरकारी विभागों के डीजल वाहनों को एक अप्रैल से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है एआरटीओ ने बताया कि नई वाहन नीति के तहत जिले से एक एंबुलेंस ,दो फायर फाइटिंग वाहन, 22 भार वाहन तथा 29 छोटे वाहनों को सड़को से हटा दिया गया है
एआरटीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया अभी फिलहाल यह कार्रवाई सरकारी वाहनों पर चल रही है वहीं वाहन हटने से जिले के कृषि विभाग ,उद्यान विभाग ,बाल विकास ,ब्लॉक कार्यालय ,युवा कल्याण, बाल विकास ,उद्योग विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र जैसे महत्वपूर्ण विभाग वाहन विहीन हो गए हैं तथा लोनीवी लोहाघाट से भी एक जिप्सी को हटा दिया गया है वही वाहन ना होने से अब इन विभागों के अधिकारी व कर्मचारी क्षेत्रों में नहीं जा पा रहे हैं जिसका असर जिले की जनता की समस्या के समाधान व जिले के विकास कार्य में भी पढ़ने लगा है फिलहाल अभी सरकार के द्वारा इन विभागों के लिए वाहनों की कोई व्यवस्था नहीं करी गई है फिलहाल मुख्यमंत्री के जिला चंपावत में सरकारी विभागों के अधिकतर अधिकारी व विभाग वाहन विहीन हो चुके हैं अगर जल्द विभागों के लिए वाहनो की व्यवस्था नहीं करी गई तो इसका बहुत बड़ा असर विकास कार्यों में देखने को मिलेगा
वही प्रदेश में नई वाहन नीति के तहत 15 साल पूरे कर चुके सैकड़ों सरकारी वाहन खड़े हो चुके हैं वहीं एसडीएम सदर रिंकू बिष्ट ने बताया कि परिवहन विभाग के द्वारा सभी विभागों को प्राइवेट वाहन किराए में लेने के निर्देश दिए गए हैं फिलहाल सरकार के द्वारा किसी भी विभाग के लिए नए वाहन नहीं खरीदे जाएंगे वही 21 दिन बीत जाने के बाद भी विभागों के द्वारा फिलहाल अभी प्राइवेट वाहन हायर नहीं किए गए हैं वही अधिकारी का कहना है उन्होंने उच्चाधिकारियों को वाहन व्यवस्था के लिए पत्र लिखा है