: चंपावत:पाटी अंग्रेजी शराब की दुकान में हुई लूट के आरोपी अलबेला को मिली अंतरिम जमानत
Laxman Singh Bisht
Sun, Dec 24, 2023पाटी अंग्रेजी शराब की दुकान में हुई लूट के आरोपी अलबेला को मिली अंतरिम जमानत
चंपावत जिले के पाटी मे बीते 26 नवंबर की रात पाटी स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान से जबरन चार पेटी शराब की लूट पाट के मामले में अभियुक्त संजय सिंह फर्त्याल उर्फ अलबेला को सत्र न्यायालय चम्पावत द्वारा आईपीसी 392 1860 में अंतरिम जमानत दे दी गयी । बीते माह 26 नवम्बर को अभियुक्त संजय सिंह फर्त्याल निवासी कोली ढेक (लोहाघाट) निवासी के खिलाफ गोविन्द सिंह मेहता की तहरीर पर पाटी पुलिस द्वारा धारा 392 के तहत लूट का मुकदमा दर्ज किया था, जिसके उपरांत अभियुक्त अलबेला द्वारा माननीय उच्च न्यायलय उत्तराखंड में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया । उच्च न्यायालय से तत्काल कोई राहत न मिलने के उपरांत अभियुक्त अलबेला द्वारा अपने
अधिवक्ता यतीश चन्द्र जोशी के जरिए न्यायालय में 21 दिसम्बर को आत्म समर्पण किया गया जिसके पश्चयात 23 दिसम्बर को माननीय सत्र नयायालय चम्पावत में चली डेड घंटे की बहस के उपरांत अभियुक्त अलबेला को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया । अलबेला के विद्वान अधिवक्ता यतीश चन्द्र जोशी द्वारा बताया कि उनके क्लाइंट को राजनैतिक एवं व्यवसायिक द्वेष के कारण झूठा फसाया गया है। अभियोजन पक्ष द्वारा अंतरिम जमानत का यह कहकर घोर विरोध किया गया की अभियुक्त अल्बेला एक हिस्ट्री सीटर है यदि उसे जमानत पर रिहा किया जाता हे तो गवाहों के साथ छेड़- छाड़ कर सकता है । पर अधिवक्ता यतीश जोशी के तर्कों के सामने न्यायालय को अलबेला को बेल देनी पड़ी
चंपावत जिले के पाटी मे बीते 26 नवंबर की रात पाटी स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान से जबरन चार पेटी शराब की लूट पाट के मामले में अभियुक्त संजय सिंह फर्त्याल उर्फ अलबेला को सत्र न्यायालय चम्पावत द्वारा आईपीसी 392 1860 में अंतरिम जमानत दे दी गयी । बीते माह 26 नवम्बर को अभियुक्त संजय सिंह फर्त्याल निवासी कोली ढेक (लोहाघाट) निवासी के खिलाफ गोविन्द सिंह मेहता की तहरीर पर पाटी पुलिस द्वारा धारा 392 के तहत लूट का मुकदमा दर्ज किया था, जिसके उपरांत अभियुक्त अलबेला द्वारा माननीय उच्च न्यायलय उत्तराखंड में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया । उच्च न्यायालय से तत्काल कोई राहत न मिलने के उपरांत अभियुक्त अलबेला द्वारा अपने
अधिवक्ता यतीश चन्द्र जोशी के जरिए न्यायालय में 21 दिसम्बर को आत्म समर्पण किया गया जिसके पश्चयात 23 दिसम्बर को माननीय सत्र नयायालय चम्पावत में चली डेड घंटे की बहस के उपरांत अभियुक्त अलबेला को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया । अलबेला के विद्वान अधिवक्ता यतीश चन्द्र जोशी द्वारा बताया कि उनके क्लाइंट को राजनैतिक एवं व्यवसायिक द्वेष के कारण झूठा फसाया गया है। अभियोजन पक्ष द्वारा अंतरिम जमानत का यह कहकर घोर विरोध किया गया की अभियुक्त अल्बेला एक हिस्ट्री सीटर है यदि उसे जमानत पर रिहा किया जाता हे तो गवाहों के साथ छेड़- छाड़ कर सकता है । पर अधिवक्ता यतीश जोशी के तर्कों के सामने न्यायालय को अलबेला को बेल देनी पड़ी