: चम्पावत:माध्यमिक विद्यालयों में राजकीय शिक्षक संघ की हड़ताल के चलते अतिथि शिक्षकों ने संभाला मोर्चा।
Laxman Singh Bisht
Fri, Sep 6, 2024माध्यमिक विद्यालयों में राजकीय शिक्षक संघ की हड़ताल के चलते अतिथि शिक्षकों ने संभाला मोर्चा।
दुर्गम व अतिदुर्गम विधालयो में शिक्षण कार्य कर रहे अतिथि शिक्षकों ने आज राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश व्यायापी हड़ताल के कारण विद्यालयो में शिक्षण कार्य के साथ साथ विद्यालयी कार्य मीड डे मील व विद्यालयो की समस्त गतिविधियां संचालित की गई । अतिथि शिक्षक संगठन जिला अध्यक्ष सुभाष गोस्वामी ने कहा एक और नाममात्र के मानदेय में कार्यरत अतिथि शिक्षक दुर्गम व अति दुर्गम विधालयो में सेवाएं दे रहे हैं दुसरी ओर अगर भविष्य में उन्हें विद्यालय की समस्त जिम्मेदारी दी जाती है तो कैसे संभाला जाता है यह भी उन्हे सीखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया 200 से अधिक बच्चे वाले जीआईसी चमदेवल को दो अतिथि शिक्षकों के द्वारा चलाया गया अतिथि शिक्षक जिला अध्यक्ष सुभाष गोस्वामी ने कहा कि दुर्गम और अतिदुर्गम विद्यालयों के विद्यालयों मैं सारे अतिथि शिक्षक मनोयोग से कार्य कर रहे हैं सरकार फिर भी दस वर्षों से इनकी सुध नहीं ले रही है आज राजकीय शिक्षकों के हड़ताल में जाने से जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में पठन पाठन का कार्य अतिथि शिक्षकों ने संभाला उन्होंने बताया जीआईसी मडलक, रोशाल, किमतोली,मऊ, विविल, विनवाल गांव, माछीयाड, रमक, मुलाकोट,तामली, मंच आदि जिले से दुर्गम अतिदुर्गम विद्यालयों मे 200 से अधिक अतिथि शिक्षक है।
दुर्गम व अतिदुर्गम विधालयो में शिक्षण कार्य कर रहे अतिथि शिक्षकों ने आज राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश व्यायापी हड़ताल के कारण विद्यालयो में शिक्षण कार्य के साथ साथ विद्यालयी कार्य मीड डे मील व विद्यालयो की समस्त गतिविधियां संचालित की गई । अतिथि शिक्षक संगठन जिला अध्यक्ष सुभाष गोस्वामी ने कहा एक और नाममात्र के मानदेय में कार्यरत अतिथि शिक्षक दुर्गम व अति दुर्गम विधालयो में सेवाएं दे रहे हैं दुसरी ओर अगर भविष्य में उन्हें विद्यालय की समस्त जिम्मेदारी दी जाती है तो कैसे संभाला जाता है यह भी उन्हे सीखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया 200 से अधिक बच्चे वाले जीआईसी चमदेवल को दो अतिथि शिक्षकों के द्वारा चलाया गया अतिथि शिक्षक जिला अध्यक्ष सुभाष गोस्वामी ने कहा कि दुर्गम और अतिदुर्गम विद्यालयों के विद्यालयों मैं सारे अतिथि शिक्षक मनोयोग से कार्य कर रहे हैं सरकार फिर भी दस वर्षों से इनकी सुध नहीं ले रही है आज राजकीय शिक्षकों के हड़ताल में जाने से जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में पठन पाठन का कार्य अतिथि शिक्षकों ने संभाला उन्होंने बताया जीआईसी मडलक, रोशाल, किमतोली,मऊ, विविल, विनवाल गांव, माछीयाड, रमक, मुलाकोट,तामली, मंच आदि जिले से दुर्गम अतिदुर्गम विद्यालयों मे 200 से अधिक अतिथि शिक्षक है।