: लोहाघाट:जब प्रशासन ने लोगों की ना सुनी तो शिक्षकों ने प्रशासन को दिखाया आईना
Laxman Singh Bisht
Wed, Oct 18, 2023शिक्षकों ने प्रशासन को दिखाया आईना
जब सिस्टम ने न सुनी तो शिक्षकों ने खुद बदहाल सड़क पर श्रमदान कर प्रशासन व पीडब्ल्यूडी को आईना दिखाया नेपाल सीमा को जोड़ने वाली किमतोली-लोहाघाट मोटर मार्ग की बदहाली पर पीडब्ल्यूडी और प्रशासन ने जब लोगों की न सुनी तो शिक्षकों ने लचर सिस्टम को आईना दिखाकर खुद श्रमदान कर सड़क पर बने गड्ढों को भरकर आवागमन के लायक बनाया। ताकि लोगों को दुर्घटना से बचाया जा सके
नेपाल सीमा को जोड़ने वाले किमतोली-लोहाघाट मोटर मार्ग वर्षों से बदहाल पड़ा हुआ है। देवीधार से किमतोली तक हर दस मीटर में सड़क पर गड्ढे बने हुए हैं। जिससे लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा कई दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं। कई बार मांग के बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों ने कहा वह बरसों से इस गड्ढा युक्त सड़क में यात्रा करने को मजबूर है लोगों के द्वारा कई बार प्रशासन से डामरीकरण की मांग करी गई पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया जबकि यह सड़क नेपाल सीमा के सैकड़ो गांवो को जोड़ती है
विभागीय अंदेखी के कारण सड़क के दोनों और बरसात के कारण गहरी कोर बन गई है। नालियां और स्क्रबर बंद पड़े हैं। बारिश के दौरान बरसात का पानी गंगनौला से सड़क से बहकर किमतोली पहुंच जाता है तो वही चौकड़ी से पानी बहकर देवीधार और देवीधार का पानी सड़क से बहते हुए जयंती भवन चांदमारी स्थित घरों के अंदर पहुच रहा है। इस सड़क में रोज यात्रा करने वाले शिक्षकों ने प्रशासनिक अनदेखी के चलते खुद सड़क का संज्ञान लेते हुए श्रमदान कर सड़क में बने गड्ढों को पाटकर वाहनो के चलने लायक बनाया तथा प्रशासन को आइना दिखाया।
साथ ही प्रशासन से जल्द सड़क पर डामरीकरण की मांग उठाई। श्रमदान करने में शिक्षक डॉ. सुधाकर जोशी, प्रयाग मुरारी,सुशील जोशी,जगदीश जोशी, डॉ.हरीश अधिकारी,भगवान जोशी, गोविंद बोहरा,प्रकाश खोलिया आदि मौजूद रहे।
जब सिस्टम ने न सुनी तो शिक्षकों ने खुद बदहाल सड़क पर श्रमदान कर प्रशासन व पीडब्ल्यूडी को आईना दिखाया नेपाल सीमा को जोड़ने वाली किमतोली-लोहाघाट मोटर मार्ग की बदहाली पर पीडब्ल्यूडी और प्रशासन ने जब लोगों की न सुनी तो शिक्षकों ने लचर सिस्टम को आईना दिखाकर खुद श्रमदान कर सड़क पर बने गड्ढों को भरकर आवागमन के लायक बनाया। ताकि लोगों को दुर्घटना से बचाया जा सके
नेपाल सीमा को जोड़ने वाले किमतोली-लोहाघाट मोटर मार्ग वर्षों से बदहाल पड़ा हुआ है। देवीधार से किमतोली तक हर दस मीटर में सड़क पर गड्ढे बने हुए हैं। जिससे लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा कई दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं। कई बार मांग के बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों ने कहा वह बरसों से इस गड्ढा युक्त सड़क में यात्रा करने को मजबूर है लोगों के द्वारा कई बार प्रशासन से डामरीकरण की मांग करी गई पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया जबकि यह सड़क नेपाल सीमा के सैकड़ो गांवो को जोड़ती है
विभागीय अंदेखी के कारण सड़क के दोनों और बरसात के कारण गहरी कोर बन गई है। नालियां और स्क्रबर बंद पड़े हैं। बारिश के दौरान बरसात का पानी गंगनौला से सड़क से बहकर किमतोली पहुंच जाता है तो वही चौकड़ी से पानी बहकर देवीधार और देवीधार का पानी सड़क से बहते हुए जयंती भवन चांदमारी स्थित घरों के अंदर पहुच रहा है। इस सड़क में रोज यात्रा करने वाले शिक्षकों ने प्रशासनिक अनदेखी के चलते खुद सड़क का संज्ञान लेते हुए श्रमदान कर सड़क में बने गड्ढों को पाटकर वाहनो के चलने लायक बनाया तथा प्रशासन को आइना दिखाया।
साथ ही प्रशासन से जल्द सड़क पर डामरीकरण की मांग उठाई। श्रमदान करने में शिक्षक डॉ. सुधाकर जोशी, प्रयाग मुरारी,सुशील जोशी,जगदीश जोशी, डॉ.हरीश अधिकारी,भगवान जोशी, गोविंद बोहरा,प्रकाश खोलिया आदि मौजूद रहे।