: पाटी : गडयूड़ा में पेयजल के लिए मचा हाहाकार लोग रातजगा कर प्राकृतिक जल स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति करने को मजबूर
Laxman Singh Bisht
Sun, Jun 16, 2024पाटी विकासखंड के गडयूड़ा में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है लोग रातजगा कर प्राकृतिक जल स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं।
चंपावत जिले के गडयूड़ा ग्राम पंचायत के लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। शादी और धार्मिक कार्यों के लिए लोग तीन माह पहले से पानी स्टोर कर रहे हैं। 40 से अधिक परिवार वाली ग्रामीण पंचायत के लोग पानी के लिए रात चार बजे से नौले, धारे पर लाइन लगा रहे हैं। काफी देर बाद पानी भरने के लिए उनका नंबर आ रहा है।जिला मुख्यालय से 62 किमी दूर गडयूड़ा गांव के लोगों को पानी के लिए रातभर जागरण करना पड़ रहा है। ग्रामीण रात चार बजे से ही पानी भरने के लिए नौले के पास इकट्ठा होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
गांव के लोगों को लंबे समय से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। चिलचिलाती धूप में जहां गर्मी के कारण लोग ठीक से रात में सो नहीं पा रहे हैं तो वहीं गडयूड़ा गांव में लोग अपनी नींद हराम कर पानी भरने को मजबूर हैं। सदियों पूर्व बना नौलाधारा ग्रामीणों की प्यास बुझा रहा है। गर्मी के चलते नौले में भी पानी कम है। ग्रामीण नवीन भट्ट, सुनील भट्ट, प्रकाश चन्द्र, किशोर भट्ट, दीपक भट्ट आदि लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन को समस्या का समाधान करना चाहिए।
चंपावत जिले के गडयूड़ा ग्राम पंचायत के लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। शादी और धार्मिक कार्यों के लिए लोग तीन माह पहले से पानी स्टोर कर रहे हैं। 40 से अधिक परिवार वाली ग्रामीण पंचायत के लोग पानी के लिए रात चार बजे से नौले, धारे पर लाइन लगा रहे हैं। काफी देर बाद पानी भरने के लिए उनका नंबर आ रहा है।जिला मुख्यालय से 62 किमी दूर गडयूड़ा गांव के लोगों को पानी के लिए रातभर जागरण करना पड़ रहा है। ग्रामीण रात चार बजे से ही पानी भरने के लिए नौले के पास इकट्ठा होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
गांव के लोगों को लंबे समय से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। चिलचिलाती धूप में जहां गर्मी के कारण लोग ठीक से रात में सो नहीं पा रहे हैं तो वहीं गडयूड़ा गांव में लोग अपनी नींद हराम कर पानी भरने को मजबूर हैं। सदियों पूर्व बना नौलाधारा ग्रामीणों की प्यास बुझा रहा है। गर्मी के चलते नौले में भी पानी कम है। ग्रामीण नवीन भट्ट, सुनील भट्ट, प्रकाश चन्द्र, किशोर भट्ट, दीपक भट्ट आदि लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन को समस्या का समाधान करना चाहिए।