रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : अभियंता दिवस: राष्ट्र निर्माण में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका।
Laxman Singh Bisht
अभियंता दिवस: राष्ट्र निर्माण में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका।
देश में प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को अभियंता दिवस ( इंजीनियर डे) काफी धूमधाम से मनाया जाता है।
यह दिन महान अभियंता दूरदर्शी राष्ट्र निर्माता और भारत रत्न से सम्मानित कर मोक्ष गुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है ।यह दिवस देश के विकास में अभियंताओं के महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने तथा युवा पीढ़ी को विज्ञान तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने का अवसर है। सर मोक्ष गुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को हुआ था। उन्होंने अपने असाधारण अभी आंतरिक कौशल अनुशासन और दूरदर्शिता के माध्यम से भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जल संसाधन प्रबंधन, सिंचाई, बांध निर्माण और सार्वजनिक निर्माण के क्षेत्र में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने अभियंत्रण को केवल एक पेसे के रूप में नहीं देखा बल्कि इसे राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण साधन माना उनकी कार्यशाली शैली में समय की पाबंदी, ईमानदारी ,मेहनत और उत्कृष्टता का विशेष महत्व था। वर्ष 1955 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
*आधुनिक भारत और अभियंताओं की भूमिका *
आज भारत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है देश में बड़े-बड़े पुल, सड़क, रेलवे नेटवर्क ,मेट्रो परियोजनाएं ,स्मार्ट सिटी ,अंतरिक्ष कार्यक्रम डिजिटल तकनीकी और आधुनिक औद्योगिक संस्थान विकसित किए जा रहे हैं इन सभी उपलब्धियां के पीछे अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है ।अभियंता केवल मशीन और इमारत का निर्माण नहीं करते बल्कि वह समाज को समस्याओं के समाधान खोजने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऊर्जा ,जल संरक्षण ,पर्यावरण स्वास्थ्य ,परिवहन ,संचार और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अभियंताओं के नवाचार देश के भविष्य को आकर दे रहे हैं। अभियंता दिवस युवा विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का दिन है यह अवसर उन्हें विज्ञान और गणित के प्रति रुचि विकसित करने तथा समस्याओं को नए और रचनात्मक तरीके से हल करने के लिए प्रेरित करता है ।आज के दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता ,रोबोटिक ,नवीनीकरण ऊर्जा ,अंतरिक्ष तकनीकी और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो रहे हैं ।सर विश्वेश्वरैया का जीवन हमें सिखाता है कि ज्ञान के साथ अनुशासन परिश्रम और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी आवश्यक है उनकी उपलब्धियां आज भी देश के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है अभियंता दिवस केवल एक महान अभियंता की जयंती मनाने का अवसर नहीं है बल्कि यह उन सभी अभियंताओं के योगदान को सम्मानित करने का दिन है जो अपने ज्ञान और कौशल से देश को आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं। राष्ट्र के सतत और आधुनिक विकास में अभियंताओं की भूमिका भविष्य में और भी महत्वपूर्ण होने वाली है। इस अभियंता दिवस पर हमें मोक्ष गुंडम विश्वेश्वरैया के आदर्श को याद करते हुए ज्ञान ,नवाचार, ईमानदारी और राष्ट्र सेवा की भावना को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। आज चंपावत जिले में भी अभियंताओं के द्वारा अभियंता दिवस को काफी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।
*काली कुमाऊं खबर की ओर से समस्त अभियंताओं व देशवासियों को अभियंता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं*















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