Wednesday 24th of June 2026

ब्रेकिंग

अल्मोड़ा: हवाल बाग में कोसी नदी में डूबने से दो युवाओं की मौत

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए खोला खजाना एसएएससीआई योजना से 2355 करोड़ रुपए स्वीकृत

चंपावत:आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार चयन प्रक्रिया हेतु पोर्टल पर सीडीपीओ स्तर से संशोधन की होगी सुविधा

हल्द्वानी : केवीएम स्कूल में भीषण आग , स्कूल बसें भी आई चपेट में

सीएम धामी ने प्रदेश के अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के दिए निर्देश

सूचना

कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

: लोहाघाट:जंगली जानवरों को जंगल में ही प्राकृतिक रूप से रोकने के लिए केविके ने शुरू की नई पहल। तैयार किए सीड बम

Laxman Singh Bisht

Fri, Jan 5, 2024
जंगली जानवरों को जंगल में ही प्राकृतिक रूप से रोकने के लिए केविके ने शुरू की नई पहल। तैयार किए सीड बम लोहाघाट कृषि विज्ञान केंद्र की उद्यान वैज्ञानिक डॉ रजनी पंन्त के प्रयास फलीभूत हो गए तो किसानों को जंगली जानवरों से राहत मिलने लगेगी। डॉ पंत द्वारा जंगल में फल पौध तैयार करने के लिए "बीज बम" तैयार किया जा रहे हैं जिसमें आधी मिट्टी व उतना ही सुखा गोबर मिलकर उसे इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि उसे गोले के बीच में आडू, खुमानी, अन्य फलों व सब्जियों के बीच डालकर उन्हें गोल आकृति देकर धुप में सुखाया जा रहा है। इस बीज बम यानी गोले को सूखाने के बाद उन्हें किसानों को दिया जाएगा। जहां वे अपने पास के जंगल में जमीन को थोड़ा खोदकर कर उसमें बीज बम डाल देंगे जो थोड़ी सी वर्षा होने पर अंकुरित होने लगेंगे। बाद में यही बीज बम फलदर वृक्ष की शक्ल ले लेगे।डॉ पंत के अनुसार उनके द्वारा जंगलों में जंगली मेहल के पौधों में फलदार मेहलो की कलम यानी ग्राफ्टिंग कर इस तकनीक से भी जंगलों में फलदार पेड़ तैयार करने की योजना बनाई है। जिसके तहत जंगल के समीप रहने वाले गांव के युवक एवं युवतियों को बकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे वह अपने स्तर से ग्राफ्टिंग कर सके। वही चंपावत डीएफओ आरसी काण्डपाल ने उद्यान वैज्ञानिक की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि विभाग के पास ऐसे तमाम कर्मचारी उपलब्ध है जिन्हें उक्त वैज्ञानिक से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। जिससे वह जंगलों में मेहल के पौधों में ग्राफ्टिंग कर सकें। विभाग के पास सभी उपकरण उपलब्ध हैं। वन विभाग बीज बम को जंगलों में लगाने के कार्य में भी पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि उद्यान वैज्ञानिक से संवाद स्थापित कर ऐसे प्रयासों पर भी चर्चा की जाएगी की कैसे किसानों को जंगली जानवरों से राहत दी जा सके।

जरूरी खबरें