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: लोहाघाट:जंगली जानवरों को जंगल में ही प्राकृतिक रूप से रोकने के लिए केविके ने शुरू की नई पहल। तैयार किए सीड बम

Laxman Singh Bisht

Fri, Jan 5, 2024
जंगली जानवरों को जंगल में ही प्राकृतिक रूप से रोकने के लिए केविके ने शुरू की नई पहल। तैयार किए सीड बम लोहाघाट कृषि विज्ञान केंद्र की उद्यान वैज्ञानिक डॉ रजनी पंन्त के प्रयास फलीभूत हो गए तो किसानों को जंगली जानवरों से राहत मिलने लगेगी। डॉ पंत द्वारा जंगल में फल पौध तैयार करने के लिए "बीज बम" तैयार किया जा रहे हैं जिसमें आधी मिट्टी व उतना ही सुखा गोबर मिलकर उसे इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि उसे गोले के बीच में आडू, खुमानी, अन्य फलों व सब्जियों के बीच डालकर उन्हें गोल आकृति देकर धुप में सुखाया जा रहा है। इस बीज बम यानी गोले को सूखाने के बाद उन्हें किसानों को दिया जाएगा। जहां वे अपने पास के जंगल में जमीन को थोड़ा खोदकर कर उसमें बीज बम डाल देंगे जो थोड़ी सी वर्षा होने पर अंकुरित होने लगेंगे। बाद में यही बीज बम फलदर वृक्ष की शक्ल ले लेगे।डॉ पंत के अनुसार उनके द्वारा जंगलों में जंगली मेहल के पौधों में फलदार मेहलो की कलम यानी ग्राफ्टिंग कर इस तकनीक से भी जंगलों में फलदार पेड़ तैयार करने की योजना बनाई है। जिसके तहत जंगल के समीप रहने वाले गांव के युवक एवं युवतियों को बकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे वह अपने स्तर से ग्राफ्टिंग कर सके। वही चंपावत डीएफओ आरसी काण्डपाल ने उद्यान वैज्ञानिक की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि विभाग के पास ऐसे तमाम कर्मचारी उपलब्ध है जिन्हें उक्त वैज्ञानिक से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। जिससे वह जंगलों में मेहल के पौधों में ग्राफ्टिंग कर सकें। विभाग के पास सभी उपकरण उपलब्ध हैं। वन विभाग बीज बम को जंगलों में लगाने के कार्य में भी पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि उद्यान वैज्ञानिक से संवाद स्थापित कर ऐसे प्रयासों पर भी चर्चा की जाएगी की कैसे किसानों को जंगली जानवरों से राहत दी जा सके।

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